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कौन कर रहा है अमेरिकी वैज्ञानिकों का पीछा?

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कौन कर रहा है अमेरिकी वैज्ञानिकों का पीछा?


मुकुंद

अमेरिका में साल 2023 से संवेदनशील अनुसंधान कार्यक्रम से जुड़े कम से कम 10 वैज्ञानिकों की मौत हो चुकी या राह चलते गायब हो चुके हैं। इनमें से कुछ का तो कत्ल भी किया गया। गायब हो रही देश की बौद्धिक संपदा को जमीन निगल गई या आसमान खा गया, इसका सीधा जवाब किसी के पास भी नहीं है। इनका संबंध अमेरिका न्यूक्लियर और एयरोस्पेस रिसर्च से रहा है। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इन घटनाओं के बीच कोई आपसी संबंध है? इस समय एफबीआई जवाब की तलाश में फाइलों की धूल झाड़ रही है। अमेरिकी मीडिया के खुलासे के बाद संघीय एजेंसी ने कहा कि जवाब खोजने के लिए ऊर्जा विभाग, युद्ध विभाग और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की जा रही है।

सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व वाली हाउस ओवरसाइट कमेटी ने अलग से जांच करने का फैसला लिया है। कमेटी का कहना है कि इन लोगों की पहुंच संवेदनशील वैज्ञानिक जानकारियों तक थी। नासा ने कहा कि मारे गए या गायब हो चुके वैज्ञानिकों के संबंध में संबंधित एजेंसियों के साथ जांच में समन्वय और सहयोग कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे काफी गंभीर मामला बताया है। हाउस ओवरसाइट कमेटी के चेयरमैन जेम्स कोमर का मानना है हत्या, मौत या गायब होना महज इत्तेफाक नहीं हो सकता। कांग्रेस भी चिंतित है। इस कमेटी के सदस्य डेमोक्रेट जेम्स वॉकिनशॉ ने तो यहां तक कहा है कि इन मामलों के पीछे कोई सुनियोजित साजिश या मकसद छिपा है।

एफबीआई ने 30 जुलाई, 2023 को 59 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहने वाले नासा के वैज्ञानिक माइकल डेविड हिक्स की मौत को भी जांच के दायरे में लिया है। उन्होंने नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) में लगभग 25 साल तक काम किया था। अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के मुताबिक, लेबोरेटरी में करियर के दौरान उन्होंने धूमकेतुओं और क्षुद्रग्रहों पर विशेषज्ञता हासिल की थी। उनकी मौत की वजह का खुलासा नहीं किया गया। उनकी बेटी जूलिया हिक्स यह जानकर हैरत में है कि पिता की मौत पर रहस्य का पर्दा पड़ा है। एजेंसी ने फ्रैंक माइवाल्ड और मोनिका रेजा की मौत के कारणों को भी सामने लाने का फैसला किया है।

कहते हैं कि इसके बाद के सालों में जेपीएल से जुड़े कई और लोग भी मारे गए या लापता हो गए। अंतरिक्ष अनुसंधान के विशेषज्ञ फ्रैंक माइवाल्ड की 2024 में लॉस एंजिल्स में 61 साल की आयु में मौत हो चुकी है। 60 साल की एयरोस्पेस इंजीनियर मोनिका रेजा जून 2025 में लॉस एंजिल्स के एक जंगल में हाइकिंग करते समय लापता हो गई हैं। हाउस ओवरसाइट कमेटी ने बताया कि रेजा नासा की जेपीएल के मटीरियल्स प्रोसेसिंग ग्रुप की डायरेक्टर थीं। एयर फोर्स के रिटायर्ड मेजर जनरल विलियम नील मैककैसलैंड (68) लापता हैं। उन्हें इसी साल 27 फरवरी को अल्बुकर्क (न्यू मैक्सिको) में अपने घर से बाहर निकलते हुए देखा गया था। वह अपना फोन, चश्मा और पहनने वाले डिवाइस घर पर ही छोड़ गए थे। मैककैसलैंड पेंटागन के कुछ सबसे उन्नत एयरोस्पेस शोध कार्यों के केंद्र में थे। उन्होंने एक समय राइट पैटर्सन एयर फोर्स बेस स्थित 'एयर फोर्स रिसर्च लैबोरेटरी' की कमान भी संभाली थी।

एफबीआई के एजेंट उन्हें सारी दुनिया में तलाश रहे हैं। कहते हैं कि इस बेस पर कथित रोसवेल घटना से जुड़ा किसी बाहरी ग्रह का मलबा रखा है। उनकी पत्नी सुसान मैककैसलैंड विल्करसन ने फेसबुक पोस्ट में माना है कि यह सच है कि नील का यूएफओ समुदाय के साथ कुछ समय के लिए जुड़ाव रहा। यह जुड़ाव किसी के लिए नील को अगवा करने का कारण नहीं हो सकता।

न्यू मेक्सिको के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र लॉस एलामोस नेशनल लेबोरेटरी से जुड़े दो वैज्ञानिक मेलिसा कैसियस और एंथनी चावेज भी लापता हैं। न्यू मैक्सिको स्टेट पुलिस के अनुसार, 53 वर्षीय कैसियस को आखिरी बार जून 2025 में न्यू मैक्सिको के तालपा के पास एक हाईवे पर देखा गया था। वह अपना सामान घर पर ही छोड़ गई थीं और उनका फोन फैक्टरी-रीसेट किया हुआ था। इससे पहले मई में 78 वर्षीय चावेज लापता हो गए थे। वह इसी लेबोरेटरी में फोरमैन थे।

हाल के महीनों में कई जाने-माने वैज्ञानिकों की हत्या ने भी अटकलों को हवा दी है। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर नूनो एफ.जी. लोरेइरो की दिसंबर 2025 में बोस्टन के पास उनके घर पर एक बंदूकधारी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। 47 वर्षीय भौतिक विज्ञानी और फ्यूजन वैज्ञानिक लोरेइरो संस्थान के प्लाज्मा साइंस एंड फ्यूजन सेंटर का नेतृत्व कर रहे थे। उनका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा तकनीक और अन्य शोध कार्यों को आगे बढ़ाना था। खगोल भौतिक विज्ञानी कार्ल ग्रिलमेयर की इसी साल फरवरी में 67 साल की आयु में लॉस एंजिल्स के बाहर इलाके में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में काम करते थे। नासा के साथ मिलकर काम करने वाले ग्रिलमेयर सौर मंडल के बाहर के ग्रहों पर पानी की खोज से जुड़े अपने अध्ययनों के लिए मशहूर रहे हैं।

साल 2024 में अमेरिकी वायुसेना के पूर्व खुफिया अधिकारी 39 वर्षीय मैथ्यू जेम्स सुलिवन की मौत आज भी रहस्य बनी हुई है। उन्होंने यूएफओ से जुड़े एक संघीय व्हिसलब्लोअर मामले में गवाही देने से पहले आत्महत्या कर ली थी। इस बीच 2022 में हुई एमी एस्क्रिडेज की मौत ने लोगों का ध्यान खींचा है। 34 वर्षीय एस्क्रिडेज ने हंट्सविले (अलबामा) में इंस्टीट्यूट फ़ॉर एग्ज़ॉटिक साइंस की स्थापना की थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन सभी घटनाओं पर से डेढ़ हफ्ते में पर्दा उठने की उम्मीद जताई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि सच को सामने लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल का मानना है कि इन मामलों में विदेशी कनेक्शन की तलाश की जा रही है। काश ऐसा हो जाए।

(लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद