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नशे के खिलाफ गांव-गांव जागरूकता अभियान, महिला निगरानी समितियों ने संभाला मोर्चा

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नशे के खिलाफ गांव-गांव जागरूकता अभियान, महिला निगरानी समितियों ने संभाला मोर्चा


बनी, 15 सितंबर (हि.स.)। नशा मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से एसडीएम बनी के निर्देश पर बनी और डुग्गन ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में महिला निगरानी समितियों की बैठकें एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ-साथ पंचायत स्तर पर नशे की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रमों के दौरान महिला निगरानी समितियों के सदस्यों ने स्थानीय लोगों के साथ संवाद करते हुए नशे की बढ़ती समस्या, इसके सामाजिक प्रभाव और विशेष रूप से युवाओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी साझा की। ग्रामीणों से आह्वान किया गया कि वे अपने आसपास नशीले पदार्थों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित प्रशासन अथवा पुलिस को दें। बैठकों में नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को सफल बनाने के लिए पंचायत स्तर पर सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

महिला निगरानी समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील एवं संभावित रूप से प्रभावित स्थानों की पहचान करने तथा वहां नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के लिए प्रेरित किया गया।

इस दौरान महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि परिवार और समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से युवाओं को नशे से दूर रखने तथा नशे की समस्या की समय रहते पहचान करने में मदद मिल सकती है। ग्रामीणों से बच्चों और युवाओं की गतिविधियों पर सकारात्मक निगरानी रखने तथा उन्हें खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया गया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रखकर पंचायतों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी से जनआंदोलन का रूप दिया जाना जरूरी है।

इसी उद्देश्य से बनी और डुग्गन ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों में जागरूकता गतिविधियों को आगे भी जारी रखने पर जोर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया