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टूटे वादों और विफल शासन के दो साल को लेकर भाजपा ने एनसी सरकार से जवाबदेही मांगी

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जम्मू, 16 अक्टूबर, (हि.स.)। भाजपा के प्रवक्ता डॉ. ताहिर चौधरी, जी. एल. रैना और रजनी सेठी ने आज जम्मू स्थित भाजपा कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में पार्टी ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं और शासन चलाने में विफल रही है। डॉ. ताहिर चौधरी ने एनसी सरकार पर आरोप लगाया कि उसने चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करके जनता की उम्मीदें तो बढ़ाईं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम नहीं दिए। उन्होंने रोज़गार, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और कल्याणकारी वादों पर सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता को बहाने नहीं बल्कि जवाब चाहिए। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों से किए गए वादों का पारदर्शी हिसाब मांगा। जी. एल. रैना ने सरकार को चुनौती दी कि वह दो साल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश करे। उन्होंने पंचायत, बीडीसी और डीडीसी चुनावों में हुई देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही देरी से ज़मीनी स्तर पर लोकतंत्र कमज़ोर हो रहा है। साथ ही उन्होंने रोज़गार और बिजली से जुड़े वादों पर सरकार की प्रगति को लेकर सवाल खड़े किए।

रजनी सेठी ने एनसी के चुनावी घोषणापत्र और उसे लागू करने के बीच के अंतर को उजागर किया खासकर महिलाओं के कल्याण के मामले में। उन्होंने पूछा कि गरीब परिवारों की महिला मुखियाओं को हर महीने 5,000 की सहायता, महिलाओं के लिए मुफ्त सार्वजनिक परिवहन, 12 मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर, विवाह के लिए बढ़ी हुई सहायता राशि, विश्वविद्यालय स्तर तक लड़कियों के लिए मुफ्त शिक्षा और महिला उद्यमियों को समर्थन देने के वादों का क्या हुआ। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में महिला आयोग के गठन में हो रही देरी पर भी स्पष्टीकरण मांगा।

भाजपा नेताओं ने संयुक्त रूप से एक पारदर्शी, तथ्यों पर आधारित और सत्यापन योग्य रिपोर्ट कार्ड की मांग की। इसमें घोषणापत्र के हर प्रमुख वादे की स्थिति, उससे लाभान्वित होने वाले लोगों की जानकारी और लंबित वादों को पूरा करने की समय-सीमा का विवरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता में दो साल पूरे होने के बाद एनसी सरकार को अपने प्रदर्शन का जवाब देना चाहिए और जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। चुनावी वादे केवल राजनीतिक नारे नहीं होते ये जनता के प्रति किए गए वादे होते हैं। जम्मू-कश्मीर की जनता जवाबदेही, ठोस काम और सुशासन की हकदार है बहाने और निराशा की नहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता