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प्रेम और गुरु के नाम के सुमिरन में है सच्चा आनंद: सद्गुरु मधुपरमहंस जी महाराज

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प्रेम और गुरु के नाम के सुमिरन में है सच्चा आनंद: सद्गुरु मधुपरमहंस जी महाराज


जम्मू, 11 अक्टूबर (हि.स.)। साहिब बंदगी के सद्गुरु श्री मधुपरमहंस जी महाराज ने रखबंधु जम्मू में प्रवचनों के दौरान प्रेम, गुरु भक्ति और नाम सुमिरन की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि संत सद्गुरु के नाम में इतनी शक्ति है कि यह मनुष्य की बुरी आदतों को दूर कर उसे हंस के समान निर्मल बना सकता है।

सद्गुरु ने कहा कि प्रेम से बढ़कर संसार में कुछ नहीं है। प्रेम सदियों की दुश्मनी मिटाने और इंसान के भीतर सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखता है। उन्होंने समझाया कि मनुष्य को जिस वस्तु या व्यक्ति में अपना ध्यान लगाने से आनंद मिलता है उसका मन उसी में रम जाता है। बचपन में बच्चे का ध्यान मां में रहता है लेकिन बड़ा होने पर उसका लगाव खिलौनों और दूसरी वस्तुओं की ओर बढ़ जाता है। इसी प्रकार मनुष्य का ध्यान जिस ओर होता है उसका जीवन भी उसी दिशा में आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि लोभी का ध्यान धन में और सांसारिक व्यक्ति का ध्यान भौतिक सुखों में लगा रहता है जबकि संतों का ध्यान प्रभु के नाम में रमता है। कबीर साहिब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनका गुरु संत हैं और संतों का ध्यान प्रभु के नाम में लगा रहता है।

सद्गुरु ने कहा कि मनुष्य के पास मन एक ही है लेकिन यह उस पर निर्भर करता है कि वह इसे संसार के विषयों में लगाता है या गुरु भक्ति में। मनुष्य को अपने मन को भौतिक मोह-माया से हटाकर आंतरिक शांति और प्रभु भक्ति की ओर ले जाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने संगत को हर पल प्रभु के नाम का सुमिरन करने का संदेश दिया

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा