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नटरंग के 'संडे थिएटर' में मंचित हुआ हिंदी नाटक ‘रामकृष्ण परमहंस’

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नटरंग के 'संडे थिएटर' में मंचित हुआ हिंदी नाटक ‘रामकृष्ण परमहंस’


जम्मू, 05 जुलाई (हि.स.)। नटरंग के साप्ताहिक रंगमंचीय आयोजन ‘संडे थिएटर’ के तहत रविवार को नटरंग स्टूडियो थिएटर में प्रसिद्ध नाटककार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना द्वारा लिखित हिंदी नाटक ‘रामकृष्ण परमहंस’ का सफल मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी नीरज कांत ने किया। इस अवसर पर नटरंग के निदेशक बलवंत ठाकुर ने कहा कि नटरंग का निरंतर प्रयास रहा है कि भारत के महान संतों, विचारकों और दार्शनिकों के जीवन तथा उनके विचारों को रंगमंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय संस्कृति, दर्शन और आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ी के सामने प्रभावशाली ढंग से रखा जा रहा है।

नाटक की शुरुआत मंदिर की घंटियों, भक्ति संगीत और मां काली की आराधना से हुई जिसने दर्शकों को आध्यात्मिक वातावरण में पहुँचा दिया। इसके बाद कामारपुकुर के बालक गदाधर के जीवन की यात्रा को मंच पर जीवंत किया गया जो आगे चलकर श्री रामकृष्ण परमहंस के रूप में विश्वविख्यात आध्यात्मिक संत बने।

प्रस्तुति में गदाधर के बचपन से ही ईश्वर के प्रति गहरे लगाव, आध्यात्मिक अनुभवों और दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पुजारी बनने के बाद मां काली के दर्शन की उनकी तीव्र साधना को भावपूर्ण ढंग से दर्शाया गया। नाटक में यह भी दिखाया गया कि कैसे उन्होंने तंत्र, वेदांत, इस्लाम और ईसाई धर्म सहित विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं का अभ्यास कर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सभी धर्म एक ही परम सत्य की ओर ले जाते हैं। धार्मिक समन्वय और मानव एकता का यही संदेश नाटक का प्रमुख आधार रहा।

नाटक में युवा नरेंद्रनाथ दत्त जो आगे चलकर स्वामी विवेकानंद बने और श्री रामकृष्ण परमहंस के बीच हुए आध्यात्मिक संवादों को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। अंतिम दृश्यों में असाध्य बीमारी से जूझते हुए भी रामकृष्ण परमहंस द्वारा अपने शिष्यों को मानव सेवा, प्रेम, करुणा और विश्व बंधुत्व का संदेश देने का मार्मिक चित्रण दर्शकों को भावुक कर गया। नाटक में कुशल भट्ट, कननप्रीत कौर, आकाश वाधवान, निक्षय महाजन और आर्यन शर्मा ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को जीवंत बनाया। प्रकाश व्यवस्था का दायित्व नीरज कांत ने संभाला जबकि संगीत संयोजन मेहक चिब ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन महिक्षित सिंह ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा