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जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी ने चार पुस्तकों का विमोचन किया

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जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी ने चार पुस्तकों का विमोचन किया


जम्मू, 23 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी द्वारा के. एल. सहगल हॉल, जम्मू में एक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें दो प्रतिष्ठित लेखकों, डॉ. बलजीत सिंह रैना और सुभाष चंद्र गुप्ता, द्वारा लिखित चार पुस्तकों का औपचारिक विमोचन किया गया। इस अवसर पर विमोचित की गई पुस्तकों में डॉ. बलजीत सिंह रैना की पुस्तक 'सैलाब' तथा सुभाष चंद्र गुप्ता द्वारा रचित तीन पुस्तकें 'मिस्टर सेन आप जानते क्या हो 'एक अभियंता का अंत' और 'झाड़ियों के बीच' शामिल हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अशोक गुप्ता ने की जबकि नरेश उदास विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जेकेएएसीएल की विशेष सचिव सोनाली अरुण गुप्ता ने गणमान्य अतिथियों और लेखकों की उपस्थिति में इन पुस्तकों का विमोचन किया।

अपने स्वागत भाषण में सोनाली अरुण गुप्ता ने लेखकों, विद्वानों और अतिथियों का स्वागत करते हुए समाज के बौद्धिक व सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध बनाने में साहित्यिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न भाषाओं में साहित्य को बढ़ावा देने और लेखकों को अपनी रचनात्मक कृतियों को व्यापक पाठकों तक पहुँचाने के लिए मंच प्रदान करने की अकादमी की प्रतिबद्धता दोहराई। अकादमी की ओर से अतिथियों को गमले और लेखकों को उनके साहित्यिक योगदान के सम्मान में स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

साहित्यिक कार्यवाही के तहत मधु रानी ने डॉ. बलजीत सिंह रैना की पुस्तक 'सैलाब' पर अपना समीक्षात्मक शोध-पत्र प्रस्तुत किया जबकि अमिता मेहता ने सुभाष चंद्र गुप्ता की पुस्तकों के साहित्यिक विषयों और अंतर्वस्तु पर एक विस्तृत पत्र पढ़ा। कार्यक्रम का संचालन जेकेएएसीएल के हिंदी संपादक डॉ. चंचल शर्मा ने किया जबकि मुख्य संपादक (गोजरी) डॉ. जाविद राही ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी आमंत्रित अतिथियों, विद्वानों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा