मचेल यात्रा के दौरान त्रासदी में लापता हुए लोगों के परिजनों को आज तक न्याय और राहत का इंतजार
किश्तवाड़, 21 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के जम्मू संभाग में अगस्त 2025 के दौरान मचेल यात्रा के समय छछोती इलाके में हुए भीषण बादल फटने की घटना को छह महीने बीत चुके हैं लेकिन इस त्रासदी में लापता हुए लोगों के परिजनों को आज तक न्याय और राहत का इंतजार है।
इस हादसे में कई परिवारों के सदस्य लापता हो गए थे। कुछ पीड़ितों के शव तो बरामद हो गए लेकिन कई परिवार आज भी अपने प्रियजनों के शव मिलने की आस लगाए बैठे हैं। इस दर्दनाक इंतजार ने परिजनों को मानसिक और भावनात्मक रूप से तोड़ कर रख दिया है।
इसी सिलसिले में कुछ पीड़ित परिवार पंजाब के जालंधर से और कुछ जम्मू के जिला सांबा से जम्मू पहुंचे जो अपनी बेटियों के शवों को घर ले जाकर अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए परिजनों की आंखें छलक पड़ीं। उन्होंने बताया कि डीएनए मिलान के लिए उनके सैंपल तो ले लिए गए थे और 15 दिनों में रिपोर्ट आने का आश्वासन दिया गया था लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद आज तक कोई रिपोर्ट नहीं दी गई।
परिजनों का आरोप है कि जब वे रिपोर्ट के बारे में पूछताछ करते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि डी एनए के लिए जरूरी केमिकल उपलब्ध नहीं हैं। इतना ही नहीं उन्हें यह भी कहा गया कि अगर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मेल करवाई जाएगी तभी रिपोर्ट जल्द तैयार हो पाएगी।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि अब उन्हें सरकार से कोई उम्मीद नहीं बची है। उनकी एक ही मांग है कि जिस भी हालत में उनके बच्चों के शव हों उन्हें सौंप दिया जाएं ताकि वे अंतिम संस्कार कर सकें और इस अंतहीन पीड़ा से कुछ राहत पा सकें।
परिजनों ने सरकार और प्रशासन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने और उनकी व्यथा को समझते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

