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डोगरी भाषा अकादमी जम्मू ने चार पुस्तकों का किया भव्य विमोचन, साहित्यकारों और गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति में डोगरी भाषा के विकास पर जोर

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डोगरी भाषा अकादमी जम्मू ने चार पुस्तकों का किया भव्य विमोचन, साहित्यकारों और गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति में डोगरी भाषा के विकास पर जोर


जम्मू, 21 अप्रैल (हि.स.)। डोगरी भाषा अकादमी द्वारा के.एल. सहगल हॉल, जम्मू और कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी में एक भव्य पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर ‘मनुष’ (डॉ. रतन बसोत्रा द्वारा अनुवादित), ‘अत्ते दियां चिड़ियां’ (चंदू भाऊ), ‘सनेहरा कल्ल’ (डॉ. सुनीता भदवाल) और ‘खिड्डे मोती’ (पं. मोहन लाल) पुस्तकों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार निर्मल विनोद ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर हरविंदर कौर और विशेष अतिथि के रूप में अरविंदर सिंह अमन ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। डोगरी भाषा अकादमी के संस्थापक यशपाल निर्मल तथा सभी लेखक भी मंच पर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत यशपाल निर्मल द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। उन्होंने अकादमी के उद्देश्यों और पिछले एक दशक में आयोजित गतिविधियों पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में डॉ. निर्मल विनोद ने अकादमी के प्रयासों की सराहना करते हुए डोगरी भाषा के उत्थान के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और लेखकों को बधाई दी। इस दौरान डॉ. आशु शर्मा, डॉ. दीपिका मेहरा, डॉ. चंचल भसीन और डॉ. रतन बसोत्रा द्वारा प्रस्तुत शोध पत्रों को श्रोताओं ने खूब सराहा। मुख्य अतिथि सतीश शर्मा ने कहा कि डोगरी भाषा अकादमी समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर मातृभाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

विशिष्ट अतिथि हरविंदर कौर और विशेष अतिथि डॉ. अरविंदर सिंह अमन ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए डोगरी साहित्य में सामाजिक और आर्थिक विषयों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। अंत में लेखकों ने अपनी लेखन यात्रा साझा करते हुए काव्य पाठ भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन राजिंदर रांझा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, बुद्धिजीवी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा