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मंदिरों के फूलों से बनेगी जैविक खाद, नगर निगम की पहल शुरू

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जम्मू,, 19 मार्च (हि.स.)।

अब मंदिरों में श्रद्धा के साथ चढ़ाए गए फूल न तो कचरे के ढेर में फेंके जाएंगे और न ही नालियों या नदियों में बहाए जाएंगे। नगर निगम ने धार्मिक स्थलों से निकलने वाले फूल-पत्तियों के सम्मानजनक निस्तारण के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत इनसे जैविक खाद तैयार की जाएगी।

अक्सर देखा जाता है कि मंदिरों में चढ़ाए गए फूल सूखने के बाद कचरे में डाल दिए जाते हैं या जल स्रोतों में प्रवाहित कर दिए जाते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने विशेष ऑटो की व्यवस्था की है, जो रोजाना सुबह शहर के प्रमुख मंदिरों से फूल एकत्रित करेंगे।

नगर निगम ने श्रद्धालुओं और मंदिर समितियों से अपील की है कि वे फूलों को सामान्य कचरे में न मिलाएं, बल्कि अलग से रखें, ताकि उन्हें आसानी से इकट्ठा कर खाद बनाने की प्रक्रिया में उपयोग किया जा सके।

इस पहल की शुरुआत शहर के प्रसिद्ध बावे माता मंदिर और पंजबख्तर मंदिर से की गई है, जहां से फूलों और पूजा सामग्री को अलग से एकत्रित किया जा रहा है। पावन नवरात्रों के दौरान शुरू हुई इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे शहर के अन्य मंदिरों तक भी विस्तारित किया जाएगा।

नगर निगम की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि धार्मिक आस्था का सम्मान बनाए रखते हुए स्वच्छता और सतत विकास को भी बढ़ावा देती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता