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मौसम विभाग की बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी के बीच कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे बना रहा

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मौसम विभाग की बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी के बीच कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे बना रहा


श्रीनगर, 21 जनवरी (हि.स.)। कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है, कई इलाकों में तो न्यूनतम तापमान हिमांक बिंदु से काफी नीचे दर्ज किया गया है। वहीं मौसम विभाग ने इस सप्ताह के अंत में बारिश और बर्फबारी की एक और लहर की भविष्यवाणी की है।

कश्मीर मौसम विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार शोपियां और सोनमर्ग घाटी के सबसे ठंडे स्थान रहे, दोनों में न्यूनतम तापमान -5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद गुलमर्ग में -5.0 डिग्री सेल्सियस और पुलवामा में -4.9 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा रहा। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि शहर के हवाई अड्डे पर -3.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

घाटी के अन्य हिस्सों में भी रात का तापमान हिमांक बिंदु से नीचे रहा जिनमें अनंतनाग में -4.2 डिग्री सेल्सियस, बडगाम के बीरवाह में -4.1 डिग्री सेल्सियस, पहलगाम में -3.8 डिग्री सेल्सियस, काजीगुंड में -3.3 डिग्री सेल्सियस और कुपवारा में -3.0 डिग्री सेल्सियस शामिल हैं। बारामूला में -1.9 डिग्री सेल्सियस , बांदीपोरा में -1.5 डिग्री सेल्सियस , गांदरबल में -0.9 डिग्री सेल्सियस और कोकरनाग में -0.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

जम्मू क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत हल्का रहा। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि जम्मू हवाई अड्डे पर 7.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। कटरा में 7.0डिग्री सेल्सियस, कठुआ में 6.0 डिग्री सेल्सियस और पुंछ में 5.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, ऊंचे इलाकों में रातें ठंडी रहीं, जहां बनिहाल में -2.3 डिग्री सेल्सियस , भदरवाह में -1.8 डिग्री सेल्सियस , सांबा में -0.1 डिग्री सेल्सियस और उधमपुर में 0.6। डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इस बीच मौसम विभाग ने इस सप्ताह के अंत में, विशेष रूप से 23 जनवरी के आसपास जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की एक और लहर की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस प्रणाली के कारण ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है, साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के आने से मौसम की स्थिति बिगड़ने की आशंका है इसलिए निवासियों और यात्रियों को सतर्क रहने और आधिकारिक मौसम सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता