आम जनता पर सख्ती, सरकारी विभागों पर नरमी का आरोप; 3000-4000 करोड़ बकाया पर उठे सवाल
जम्मू, 03 अप्रैल (हि.स.)। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अगुवाई वाली सरकार पर बिजली बकाया और कथित भेदभावपूर्ण वसूली नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे “जनविरोधी और पक्षपातपूर्ण” करार देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जारी बयान में भगत ने कहा कि जहां आम उपभोक्ताओं को मामूली देरी पर नोटिस, जुर्माना और कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सरकारी विभागों पर हजारों करोड़ रुपये का बकाया होने के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने दावा किया कि यह बकाया राशि करीब 3000 से 4000 करोड़ रुपये के बीच है।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण और शहरी स्थानीय निकाय जैसे विभाग बिजली के बड़े उपभोक्ता होने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं कर रहे जिससे बिजली क्षेत्र पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है। भगत ने आरोप लगाया कि सरकार “चयनात्मक कार्रवाई” की नीति अपना रही है, जिसमें छोटे उपभोक्ताओं पर सख्ती दिखाई जाती है जबकि बड़े सरकारी डिफॉल्टरों को नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता और जवाबदेही की कमी बताया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि विभागवार बकाया राशि सार्वजनिक की जाए, पारदर्शी वसूली तंत्र लागू किया जाए और सभी उपभोक्ताओं के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने बिजली संकट, अनियमित आपूर्ति और वित्तीय कुप्रबंधन जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

