एसएमवीडीयू की शोधार्थी उमा शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पेश किया अभिनव शोध
जम्मू, 2 दिसंबर (हि.स.)। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) की मॉलिक्यूलर बायोलॉजी लैब, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की पीएच.डी. स्कॉलर उमा शर्मा ने देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी, देहरादून में 12 से 15 नवंबर तक आयोजित 66वें एएमआई वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं रिसर्च कॉन्क्लेव में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।
सम्मेलन में उमा शर्मा ने अपने शोध पत्र टैक्सस वालिचियाना से प्राप्त एंडोफाइटिक फंगस की स्क्रीनिंग एवं बायोप्रोसेस ऑप्टिमाइज़ेशन द्वारा टैक्सॉल उत्पादन में वृद्धि विषय पर प्रस्तुति दी। उनका शोध उच्च क्षमता वाले एंडोफाइटिक फंगस की पहचान तथा बायोप्रोसेस पैरामीटर्स के अनुकूलन पर केंद्रित है, जिससे टैक्सॉल, जो कि एक महत्वपूर्ण कैंसररोधी यौगिक है, के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सके। यह अध्ययन पौधों से प्राप्त टैक्सॉल उत्पादन में आने वाली चुनौतियों तथा संकटग्रस्त टैक्सस प्रजाति के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकल्प प्रस्तुत करता है।
सम्मेलन ने उमा को माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों से संवाद करने, नवीनतम शोध प्रवृत्तियों को समझने और अपने कार्य पर उपयोगी सुझाव प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। अपने अनुभव साझा करते हुए शर्मा ने अपनी पर्यवेक्षक डॉ. शफक रसूल का मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने प्रो. प्रगति कुमार, कुलपति, एसएमवीडीयू का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उन्हें इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर शोध प्रस्तुत करने का अवसर और संस्थागत सहयोग प्रदान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

