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पद्मश्री मोहन सिंह सलाथिया के कथित बयान पर सिख समुदाय ने जताई नाराजगी

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जम्मू, 12 अक्टूबर (हि.स.)।

जम्मू में सिख समुदाय के सदस्यों ने पद्मश्री सम्मानित डोगरी विद्वान मोहन सिंह सलाथिया के हालिया कथित बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। समुदाय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि सलाथिया ने सिख समुदाय, पंजाबी भाषा और उसकी सांस्कृतिक विरासत को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि पंजाबी भाषा का इतिहास सदियों पुराना है और इसे किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं किया जा सकता। पंजाबी भाषा पंजाब क्षेत्र की साझा सांस्कृतिक और भाषाई विरासत का हिस्सा है जिससे विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग जुड़े हुए हैं।

सिख समुदाय ने विशेष रूप से सरदार महा सिंह और महाराजा रणजीत सिंह के इतिहास को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर नाराजगी जताई।

विज्ञप्ति के अनुसार मोहन सिंह सलाथिया ने कथित तौर पर सरदार महा सिंह पर जम्मू में लूटपाट करने और राजा बृज देव के साथ विश्वासघात करने के आरोप लगाए थे। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को ऐतिहासिक तथ्यों की गलत व्याख्या बताया।

विज्ञप्ति में दावा किया गया कि राजा बृज देव और सरदार महा सिंह के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध थे। इसके अलावा महाराजा रणजीत सिंह और महाराजा गुलाब सिंह के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सिख साम्राज्य के इतिहास में डोगरा शासकों और सिख नेतृत्व के बीच सहयोग तथा सम्मान के उदाहरण मौजूद हैं।

सिख समुदाय के सदस्यों ने कहा कि सिख इतिहास केवल युद्धों और शासन तक सीमित नहीं है बल्कि सेवा, मानवता और जरूरतमंदों की सहायता करने की परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सिख समुदाय द्वारा किए जाने वाले राहत और सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया।

प्रेस विज्ञप्ति में मोहन सिंह सलाथिया से सार्वजनिक बयान देने से पहले ऐतिहासिक तथ्यों का गहराई से अध्ययन करने की अपील की गई। समुदाय के सदस्यों ने कहा कि साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों को विभिन्न समुदायों की भावनाओं और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना चाहिए।

अंत में सिख समुदाय ने समाज के सभी वर्गों से भाषाई और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाषाएं किसी एक धर्म की संपत्ति नहीं हैं बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता