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श्री सनातन धर्म सभा जम्मू-कश्मीर ने मनाया एकात्मता दिवस

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जम्मू,, 05 अगस्त (हि.स.)।

श्री सनातन धर्म सभा जम्मू-कश्मीर द्वारा आज प्रधान पुरुषोत्तम दधीची की अध्यक्षता में अनुच्छेद 370 एवं 35-ए के निरस्तीकरण की सातवीं वर्षगांठ के अवसर पर एकात्मता दिवस का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के अध्यक्ष अरुण गुप्ता, अमर क्षत्रिय राजपूत सभा के अध्यक्ष ठाकुर नारायण सिंह, विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष शक्ति दत्त शर्मा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रांत छात्र प्रमुख अक्षी बलोरिया, युवा भारती के प्रांत प्रमुख एडवोकेट अनुकूल भगत, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय सह-संयोजक (पर्यावरण) देव राज शर्मा, बाबा बूढ़ा मरनाथ यात्रा ट्रस्ट के महासचिव सुदर्शन खजूरिया, शिल्पी वर्मा, अनीता शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही जम्मू-कश्मीर में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए तैनात भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को नमन किया गया जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

अपने संबोधन में श्री सनातन धर्म सभा जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम दधीची ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और सदैव रहेगा। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त, 2019 का दिन जम्मू-कश्मीर के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि इसी दिन अनुच्छेद 370 और 35-ए के निरस्तीकरण के साथ प्रदेश पूरी तरह से भारत की मुख्यधारा से जुड़ा। उन्होंने कहा कि वर्षों तक समाज के अनेक वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रहे लेकिन आज उन्हें समान अधिकार और अवसर प्राप्त हुए हैं।

दधीची ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35-ए हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास, निवेश, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं तथा महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों को उनके अधिकार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि एकात्मता दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि उन वीर सैनिकों, सुरक्षा बलों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

अपने वक्तव्य में उन्होंने 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिलान्यास के ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षणों को याद करते हुए कहा कि यह दिन करोड़ों सनातनियों की आस्था, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि 5 अगस्त को स्वाभिमान दिवस के रूप में भी मनाया जाए।

इस अवसर पर अमर क्षत्रिय राजपूत सभा के अध्यक्ष ठाकुर नारायण सिंह ने जम्मू-कश्मीर के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराजा हरि सिंह ने वर्ष 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ विलय करके राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखा था। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की धरती वीरों और बलिदानियों की भूमि रही है जहां हजारों सैनिकों और नागरिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।

कार्यक्रम का मंच संचालन कार्यकारी अध्यक्ष प्रभात सिंह जम्वाल ने किया जबकि अंत में अनिल मगोत्रा ने सभी उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में दिलीप गुप्ता, आत्मा राम सागर, कुलदीप कोटवाल, आर. एस. पठानिया, केशव चोपड़ा, अश्विनी शर्मा, मानव महाजन भी उपस्थित थे!

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता