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कांग्रेस पर 1952 के चुनावों में धांधली करवाने का लगाया आरोप

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जम्मू,, 19 अक्टूबर (हि.स.)।

शिवसेना डोगरा फ्रंट ने अपने अध्यक्ष अशोक गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उमर खालिद, शरजील इमाम और नेहा बोहरा से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही न्यायिक नियुक्तियों, संवैधानिक संस्थाओं और कांग्रेस के ऐतिहासिक फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अशोक गुप्ता ने कहा कि देश की सुरक्षा, संविधान और राष्ट्रीय एकता से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों को अपना पक्ष स्पष्ट रखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से उमर खालिद और शरजील इमाम को लेकर अपना रुख बताने की मांग की।

उन्होंने कहा कि दोनों के खिलाफ वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में कानूनी कार्यवाही चल रही है। ऐसे मामलों में आरोपों का फैसला कानून की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही होना चाहिए।

नेहा बोहरा की टिप्पणियों पर भी उठाए सवाल

अशोक गुप्ता ने नेहा बोहरा की उन कथित टिप्पणियों का भी मुद्दा उठाया, जिनमें बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन की प्रशंसा किए जाने की बात कही गई है।

उन्होंने कांग्रेस से इन टिप्पणियों पर अपना रुख स्पष्ट करने और यह बताने की मांग की कि पार्टी भारत में लोकतांत्रिक विरोध, राजनीतिक बदलाव और संवैधानिक प्रक्रियाओं को किस नजरिए से देखती है।

गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े सवालों पर जनता के सामने स्पष्ट जवाब देने चाहिए।

न्यायिक नियुक्तियों और कांग्रेस के इतिहास पर भी चर्चा की मांग

प्रदर्शन के दौरान अशोक गुप्ता ने देश में न्यायिक नियुक्तियों और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े ऐतिहासिक मामलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्तियों और उनसे जुड़े ऐतिहासिक दावों की चर्चा आधिकारिक रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने वर्ष 1946 में कांग्रेस अध्यक्ष के चयन से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद से जुड़े उस दौर के नेतृत्व चयन की परिस्थितियों पर सार्वजनिक चर्चा की मांग की।

अशोक गुप्ता ने कहा कि जब राजनीतिक दल आज चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हैं, तो उनके अपने ऐतिहासिक फैसलों और आंतरिक लोकतंत्र पर भी चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से प्रदर्शन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर तथ्यात्मक और स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

कई कार्यकर्ता प्रदर्शन में हुए शामिल

इस अवसर पर राहुल, अभिषेक, आशीष, आशु, सुशील, फौजी, नरेंद्र, किशोर, मोहन, बिट्टू, अक्षय, सुनील, संध्या, भाजो, शीला और निर्मल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शन के अंत में शिवसेना डोगरा फ्रंट ने राजनीतिक जवाबदेही, पारदर्शिता, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर जोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता