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खेत बचाओ भविष्य संवारो-कठुआ में खेत बचाओ अभियान की गूंज

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खेत बचाओ भविष्य संवारो-कठुआ में खेत बचाओ अभियान की गूंज


कठुआ, 10 जून (हि.स.)। कृषि उत्पादन विभाग कठुआ द्वारा बुधवार को “खेत बचाओ अभियान” के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने, मिट्टी की सेहत को सुरक्षित रखने, उत्पादन बढ़ाने और कृषि संसाधनों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ जम्मू-कश्मीर के कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण विभाग की सचिव नीतू गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा सहित कृषि व संबद्ध विभागों के अधिकारी, केवीके के वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान और अन्य हितधारक मौजूद रहे। सचिव नीतू गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि भूमि और मिट्टी की उर्वरता का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक, जलवायु-अनुकूल और संसाधन-कुशल खेती अपनाने का आह्वान किया और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने पर जोर दिया। उपायुक्त राजेश शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और टिकाऊ कृषि विकास सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

तकनीकी सत्र में केवीके कठुआ के प्रमुख डॉ. विशाल महाजन ने आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक हस्तक्षेपों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इंटीग्रेटेड क्रॉप मैनेजमेंट और क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर को समय की आवश्यकता बताया। संयुक्त निदेशक एसएलयूबी जम्मू अमन ज्योति ने “खेत बचाओ अभियान” के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए मिट्टी की सेहत बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई। मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ जतिंदर कुमार खजूरिया ने गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिसेज, संतुलित उर्वरक उपयोग, कीट एवं रोग प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और स्मार्ट कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्राकृतिक खेती मिशन के तहत रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने की भी अपील की। वहीं, मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. जुगल किशोर ने किसानों को पशुपालन आधारित योजनाओं की जानकारी देते हुए एकीकृत खेती प्रणाली को आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बताया। कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने मिट्टी स्वास्थ्य, फसल सुरक्षा और आधुनिक खेती से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और व्यावहारिक समाधान दिया। अंत में जिला कृषि अधिकारी (एक्सटेंशन) राज सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया