सज्जाद लोन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात पर कसा तंज
श्रीनगर, 12 जून (हि.स.)। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद लोन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित नेशनल कॉन्फ्रेंस के विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले यह मुलाकात क्यों हुई।
लोन ने एक्स पर क पोस्ट में कहा कि विदेश में होने के बावजूद मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात की खबर सुनकर वे अपनी प्रतिक्रिया देने से खुद को रोक नहीं पाए। प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को मजाक बताते हुए लोन ने कहा कि इसमें समय का भी ध्यान रखा गया है और तर्क दिया कि मुख्यमंत्री को विरोध प्रदर्शन से पहले नहीं बल्कि उसके बाद प्रधानमंत्री से मिलना चाहिए था।
लोन ने पोस्ट में लिखा कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की शुरुआत। क्या मजाक है। इसमें समय का भी ध्यान रखा गया है। भले ही अब हमें यह उपदेश दिया जाए कि तारीख पहले से तय थी लेकिन मुख्यमंत्री साहब को विरोध प्रदर्शन के बाद मिलना चाहिए था।
5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने से पहले की घटनाओं से तुलना करते हुए लोन ने आरोप लगाया कि संवैधानिक परिवर्तनों और उसके बाद हुई गिरफ्तारियों से ठीक पहले नेताओं ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने 2019 में भी ऐसा ही किया था। अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने से एक-दो दिन पहले उसी प्रधानमंत्री साहब से मुलाकात की थी और मुझे लगता है कि उन्होंने यह तय कर लिया था कि गिरफ्तारी के बाद किसे कहाँ रखा जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी कटाक्ष करते हुए उन पर अपने समर्थकों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया।
बता दें कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जिनमें राज्य का दर्जा जल्द बहाल करना, जम्मू-कश्मीर की आर्थिक स्थिति और विकास संबंधी प्राथमिकताएं शामिल हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

