धर्मार्थ ट्रस्ट परिषद की बैठक में मंदिरों के विकास और तीर्थयात्रा तैयारियों की समीक्षा
जम्मू, 14 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक ट्रस्ट के अध्यक्ष ट्रस्टी एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व सदर-ए-रियासत डॉ. कर्ण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में ट्रस्ट द्वारा जम्मू-कश्मीर के विभिन्न मंदिरों में चल रहे विकास, जीर्णोद्धार और रखरखाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में ट्रस्टी विक्रमादित्य सिंह, अजातशत्रु सिंह और रणविजय सिंह, परिषद सदस्य एस.एम. साहनी एवं विशाल अबरोल, धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. पी.एस. पठानिया तथा सचिव अशोक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान ट्रस्ट द्वारा प्रबंधित मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने तथा इन ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों से जुड़ी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। परिषद ने मंदिर परिसरों में चल रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों की प्रगति का भी आकलन किया। इस अवसर पर धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. पी.एस. पठानिया ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न मंदिरों में ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे प्रमुख जीर्णोद्धार, संरक्षण और आधारभूत संरचना विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी परिषद के समक्ष प्रस्तुत की।
परिषद सदस्यों ने आगामी तीर्थयात्रा और त्योहारों के मौसम की तैयारियों की भी समीक्षा की। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अपने संबोधन में डॉ. कर्ण सिंह ने मंदिरों की पवित्रता और ऐतिहासिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बढ़ती संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि धर्मार्थ ट्रस्ट क्षेत्र की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और युवा पीढ़ी में आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

