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राजौरी पुलिस ने आतंकियों को रसद पहुंचाने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया, सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रहीं संभावित नेटवर्क

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राजौरी, 15 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों को कथित रूप से रसद और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित का संपर्क सक्रिय आतंकियों से था और उसने उन्हें कई बार खाद्य सामग्री एवं अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया था।

हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान गंभीर मुगलां निवासी अब्दुल कयूम पुत्र स्वर्गीय सैफ अली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद उसे हिरासत में लिया गया और उससे गहन पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान अब्दुल कयूम ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर इलियास उर्फ आसिफ उर्फ फौजी और उसके सहयोगी यासिर सहित कुछ अन्य सक्रिय आतंकवादियों की पहचान की है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये आतंकी राजौरी-पुंछ क्षेत्र में पिछले वर्षों के दौरान हुई कई बड़ी आतंकी घटनाओं में शामिल रहे हैं। इनमें भट्टा डूरियन (20 अप्रैल 2023), कंडी (5 मई 2023), टोपा पीर और डीकेजी क्षेत्र (21 दिसंबर 2023) तथा शाहसितार (4 मई 2024) में हुए हमले शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आतंकियों ने सितंबर-अक्टूबर 2024 के दौरान पहली बार अब्दुल कयूम से संपर्क किया था। प्रारंभिक स्तर पर उन्होंने उससे खाने-पीने का सामान प्राप्त किया। बाद की मुलाकातों में उसने कथित तौर पर गैस स्टोव, गैस सिलेंडर और लगभग 30 किलोग्राम चावल भी उपलब्ध कराए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकी समूह ने सितंबर-अक्टूबर 2025 में दोबारा उसके घर का दौरा किया और फिर से खाद्य सामग्री प्राप्त की। इसके बाद मई 2026 में डोरीमाल-शेरोवाली-कोपरा वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान शुरू होने से पहले भी आतंकियों ने उससे संपर्क किया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 18 और 19 मई 2026 को आरोपित ने आतंकियों को खजूर, काजू, बादाम, जूस की बोतलें और कुछ दवाइयां उपलब्ध कराई थीं। जांचकर्ताओं का दावा है कि इनमें से कुछ वस्तुएं 23 मई 2026 को आतंकवादियों के साथ हुई शुरुआती मुठभेड़ के बाद बरामद सामग्री से मेल खाती हैं।

हालांकि पूछताछ के दौरान अब्दुल कयूम ने आसपास के जंगलों में आतंकियों के ठिकानों, आवाजाही के मार्गों या उनके अन्य स्थानीय सहयोगियों के बारे में जानकारी होने से इनकार किया है। उसने किसी व्यापक सहायता नेटवर्क की जानकारी होने की बात भी स्वीकार नहीं की है।

सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या क्षेत्र में आतंकियों की मदद करने वाला कोई बड़ा स्थानीय नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह