जम्मू डिवीजन की हरित पहल के तहत रेलवे स्टेशनों की सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर किया जाएगा 2.55 मेगावाट
जम्मू, 05 अक्टूबर (हि.स.)।स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उत्तरी रेलवे के जम्मू डिवीजन ने अपने सौर ऊर्जा अवसंरचना का विस्तार किया है जिससे इसकी कुल स्थापित और नियोजित क्षमता 2.55 मेगावाट हो गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि डिवीजन के पांच प्रमुख रेलवे डिपो और परिसरों में 1,745 किलोवाट (1.745 मेगावाट) की संयुक्त क्षमता वाले सौर संयंत्र पहले से ही चालू हैं जिनमें जम्मू रेलवे स्टेशन और श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन शामिल हैं जहां 1 मेगावाट का सौर संयंत्र स्थापित किया गया है। डिवीजन अब 808 किलोवाट (18 किलोवाट) की संयुक्त क्षमता वाले 18 नए सौर संयंत्रों पर काम में तेजी ला रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इनके चालू होने के बाद कुल सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़कर 2,553 किलोवाट (2.55 मेगावाट) हो जाएगी।
वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता विशाल राठी ने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पर 450 किलोवाट नए सौर ऊर्जा संयंत्र का कार्य 12 सितंबर को शुरू हुआ और दिसंबर 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है।
उधमपुर स्टेशन पर 358 किलोवाट-पी की संयुक्त क्षमता वाले 13 अन्य सौर ऊर्जा संयंत्रों का कार्य भी शीघ्र ही शुरू होगा। इस विस्तार से मंडल को कार्बन उत्सर्जन कम करने, बिजली खर्च में सालाना लाखों रुपये बचाने और पारंपरिक बिजली ग्रिड पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मंडल रेलवे प्रबंधक विवेक कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य रेलवे संचालन को स्वच्छ और अधिक टिकाऊ बनाना है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल ट्रेनों का संचालन करना नहीं है बल्कि भारतीय रेलवे को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाना है।
आने वाले समय में जम्मू मंडल के सभी स्टेशन सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। अधिकारियों ने बताया कि सौर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है साथ ही रेलवे बिजली की बचत का उपयोग यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में कर सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

