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पहाड़ों तक रेल की रफ्तार-राजीव जसरोटिया ने केंद्र के सामने रखा 185 किमी का ड्रीम कॉरिडोर, कनेक्टिविटी से बदलेगा जम्मू का नक्शा

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पहाड़ों तक रेल की रफ्तार-राजीव जसरोटिया ने केंद्र के सामने रखा 185 किमी का ड्रीम कॉरिडोर, कनेक्टिविटी से बदलेगा जम्मू का नक्शा


कठुआ/जसरोटा, 15 मई (हि.स.)। जसरोटा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर जम्मू क्षेत्र में लंबे समय से लंबित रेलवे परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने की जोरदार पैरवी की।

बैठक के दौरान जसरोटिया ने कठुआ-बिलावर-मनवाल-बसोहली-बनी-भद्रवाह रेल कॉरिडोर को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने की मांग उठाई। उन्होंने नव कठुआ रेलवे स्टेशन निर्माण समिति द्वारा तैयार प्रस्ताव का विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए इस परियोजना को विकास, पर्यटन और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि करीब 185 किलोमीटर लंबी इस बहु-चरणीय परियोजना को पांच चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में पंजाब के माधोपुर (अजीजपुर) से कठुआ होते हुए बिलावर तक रेल लाइन प्रस्तावित है जबकि आगे के चरणों में इसे मनवाल, बसोहली, बनी और भद्रवाह तक जोड़ा जाएगा। जसरोटिया ने कहा कि पहले चरण का प्री-फिजिबिलिटी सर्वे रेलवे मंत्रालय द्वारा किया जा चुका है और इसे तकनीकी रूप से व्यवहार्य पाया गया है।

विधायक ने बताया कि इस परियोजना के तहत शिवालिक पहाड़ियों के नीचे करीब 4.45 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी जिससे कठुआ से बिलावर की दूरी 85 किलोमीटर से घटकर लगभग 30 किलोमीटर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि यह रेल कॉरिडोर न केवल दुर्गम और पहाड़ी इलाकों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगा बल्कि पर्यटन, व्यापार, रोजगार और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा। साथ ही यह उधमपुर-बारामुला रेल नेटवर्क के लिए एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग भी साबित हो सकता है। जसरोटिया ने कठुआ शहर के बीचों-बीच वैकल्पिक रेलवे स्टेशन बनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान कठुआ रेलवे स्टेशन शहर से बाहर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है जिससे आम यात्रियों को असुविधा होती है। प्रस्तावित 17.80 किलोमीटर लंबी सुजानपुर-बुधी रेल लाइन के तहत कठुआ शहर में नया स्टेशन और शेरपुर में फ्लैग स्टेशन बनाया जाएगा जिससे करीब 100 गांवों को लाभ मिलेगा।

इसके अलावा उन्होंने जसरोटा क्षेत्र में रेलवे अंडरपास बनाने की भी मांग उठाई। उन्होंने बताया कि कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक के पास स्कूल और रिहायशी इलाके हैं जहां सुरक्षित आवागमन की कमी के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने लोगेट, बरनोटी, घाट्टी, राजबाग और छन्न अरोड़ियां समेत पांच प्रमुख स्थानों पर अंडरपास निर्माण की मांग रखी। जसरोटिया ने केंद्र सरकार से इन परियोजनाओं के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे और टैरिफ सर्वे को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया ताकि इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जा सके। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विधायक की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि इन प्रस्तावों पर विकास और रणनीतिक महत्व को देखते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया