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मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों की लत, मानसिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसी प्रमुख सामाजिक चुनौतियों से निपटने में सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर दिया बल

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जम्मू, 08 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज मादक पदार्थों की लत, मानसिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसी प्रमुख सामाजिक चुनौतियों से निपटने में सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि कई जिम्मेदारियां सरकार की हैं लेकिन कई जिम्मेदारियां समाज को भी साझा करनी होंगी। उन्होंने ये बातें यहां कन्वेंशन सेंटर में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संभागीय स्तर के जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहीं।

छात्रों और हितधारकों की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन जिम्मेदारियों में अंतर स्पष्ट किया जो पूरी तरह से सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं जैसे सड़कें, पुल और अस्पताल बनाना और वे जिम्मेदारियां जिनमें सक्रिय जनभागीदारी की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, “सरकार के अलावा जनता की भी पर्यावरण संरक्षण और प्रमुख सार्वजनिक संपत्तियों के रखरखाव में नागरिक जिम्मेदारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका है।”

नागरिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए अब्दुल्ला ने विशेष रूप से स्वच्छता जैसे मामलों में दोषारोपण की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और बेहतर समाज केवल सामूहिक प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है और उन्होंने कहा कि सक्रिय जनभागीदारी से जम्मू और कश्मीर वैश्विक मानकों के बराबर आ सकता है। उन्होंने कहा, “यदि आप आज लिए गए संकल्पों पर अमल करते हैं तो हम न केवल देश में बल्कि विश्व स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।”

उन्होंने युवा पीढ़ी से अधिक जिम्मेदार समाज के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया। मानसिक स्वास्थ्य के विषय पर बोलते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि इस मुद्दे को अब भी कलंक माना जाता है और उन्होंने लोगों से मनोवैज्ञानिक चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों के प्रति सहानुभूति दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “सहानुभूति के कुछ शब्द भी फर्क ला सकते हैं और किसी को कठिन समय से उबरने का साहस दे सकते हैं।”

नशीली दवाओं के दुरुपयोग के संबंध में मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि इस खतरे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार द्वारा नहीं जीती जा सकती है और उन्होंने नागरिक समाज, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक नेताओं और नागरिकों से केंद्र शासित प्रदेश को नशामुक्त बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा, “यदि हम इसे केवल सरकार पर छोड़ देंगे तो हम सफल नहीं होंगे। सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।”

पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए अब्दुल्ला ने वृक्षारोपण अभियानों की वकालत की और औपचारिक प्रयासों से हटकर सार्थक योगदान देने का सुझाव दिया। “शॉलों के बजाय, हमारे नाम पर पेड़ लगाइए। भले ही उनमें से कुछ ही जीवित रहें, यह एक स्थायी योगदान होगा,” उन्होंने कहा और साथ ही यह भी जोड़ा कि पर्यावरण संरक्षण एक साझा कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री ने छात्रों को स्क्रीन पर अत्यधिक समय बिताने से बचने और सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि यदि युवा पीढ़ी को उचित मार्गदर्शन दिया जाए तो वे सार्थक परिवर्तन ला सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह