दोषारोपण छोड़ जनहित के मुद्दों पर ध्यान दें राजनीतिक दल : पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट
जम्मू, 30 जुलाई (हि.स.)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हकीम मोहम्मद यासीन ने जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों से आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठकर जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनता विभिन्न दलों के शासनकाल और उनके कामकाज से भली-भांति परिचित है इसलिए पुराने राजनीतिक मुद्दों को बार-बार उठाने के बजाय मौजूदा समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए। एक बयान में हकीम यासीन ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है और उसे राजनीतिक विवादों में उलझने के बजाय सुशासन और जनकल्याण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए विकास और सार्वजनिक हित के मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने हाल की बारिश के बाद जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में बने बाढ़ जैसे हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। हकीम यासीन ने बढ़ती बेरोजगारी को भी गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित किए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार से रोजगार सृजन, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस नीतियां बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बदलते मौसम, बाजार की अनिश्चितताओं और पर्याप्त संस्थागत सहयोग के अभाव में प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को किसानों, बागवानों और इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। पीडीएफ अध्यक्ष ने विपक्षी दलों से भी रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष आवश्यक है लेकिन उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी किसानों, युवाओं, मजदूरों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम लोगों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बेरोजगारी दूर करना, कृषि और बागवानी को मजबूत बनाना, आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करना और जम्मू-कश्मीर के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को सुनिश्चित करना होनी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

