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एटीएम धोखाधड़ी मामले में 9.5 लाख रुपये बरामद, दो महिलाएं गिरफ्तार

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कुलगाम, 27 अक्टूबर (हि.स.)। कुलगाम पुलिस ने एटीएम धोखाधड़ी मामले में 9.5 लाख रुपये बरामद किए हैं और अपराध की रकम प्राप्त करने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है जबकि दो मुख्य आरोपी फरार हैं।

पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि कुलगाम के अखरान निवासी गुलजार अहमद शान की पत्नी मुनीरा रेशी ने 15 अक्टूबर को मीर बाजार पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) और 318(4) के तहत काजीगुंड पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 254/2026 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। शिकायत में कहा गया है कि 5 अक्टूबर को मीर बाजार के एक एटीएम में किसी अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी से उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और उसके बाद अनधिकृत लेनदेन के माध्यम से उनके खाते से 9.5 लाख रुपये निकाल लिए गए।

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपियों की पहचान विनींदर सिंह उर्फ शीनू पुत्र रोशन लाल निवासी केसान कॉलोनी, वार्ड नंबर 12 बरवाला हिसार, हरियाणा और मुकेश सिंह पुत्र राजुराम निवासी हांसी जिला हिसार, हरियाणा के रूप में की। मीर बाजार पुलिस चौकी से एक पुलिस दल आरोपियों का पता लगाने के लिए हरियाणा भेजा गया लेकिन दोनों फरार पाए गए और उनके घर बंद मिले। उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

इस बीच पुलिस ने दो महिलाओं से 9.5 लाख रुपये की पूरी धोखाधड़ी की रकम बरामद कर ली है। इन महिलाओं की पहचान शांति देवी पत्नी नत्थू राम निवासी दाता गुरना जिला हिसार, हरियाणा - आरोपी विनेंद्र सिंह की मौसी और राजपति देवी पत्नी राज कुमार निवासी सोरखी जिला हिसार, हरियाणा - आरोपी मुकेश सिंह की मौसी (मासी) के रूप में हुई है। दोनों महिलाओं को कथित तौर पर चोरी की रकम प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है।

कुलगाम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि फरार आरोपियों विनेंद्र सिंह उर्फ शीनू और मुकेश सिंह के ठिकाने के बारे में कोई भी विश्वसनीय जानकारी निकटतम पुलिस स्टेशन, पुलिस चौकी मीर बाजार, पुलिस स्टेशन काजीगुंड या पीसीआर को +91 70515 10660 पर दें। पुलिस आश्वासन देती है कि जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

एसएसपी कुलगाम अनायत अली चौधरी ने लोगों को एटीएम लेनदेन के दौरान सतर्क रहने और किसी भी अज्ञात व्यक्ति को एटीएम कार्ड न सौंपने, पिन, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि एटीएम पर अजनबियों से मदद लेने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत बैंक और पुलिस को दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता