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पूर्व मंत्री ने कहा पीओजेके भारत का अभिन्न अंग, पाकिस्तान को अवैध कब्जा छोड़ना होगा, एनसी, पीडीपी और कांग्रेस पर भी साधा निशाना

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पूर्व मंत्री ने कहा पीओजेके भारत का अभिन्न अंग, पाकिस्तान को अवैध कब्जा छोड़ना होगा, एनसी, पीडीपी और कांग्रेस पर भी साधा निशाना


जम्मू, 14 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बाली भगत ने कहा है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) पर 1994 में संसद द्वारा पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव भारत की अटूट राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है और पाकिस्तान को देर-सवेर इस क्षेत्र से अपना अवैध कब्जा हटाना ही होगा। एक बयान में बाली भगत ने कहा कि पीओजेके में बढ़ते जनाक्रोश, विरोध-प्रदर्शनों और असंतोष ने पाकिस्तान के शासन की विफलता को उजागर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि वहां के लोग राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहने के कारण इस्लामाबाद के नियंत्रण के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पीओजेके पर अवैध कब्जा कर रखा है और वहां के लोगों की इच्छाओं की अनदेखी की जा रही है। उनके अनुसार क्षेत्र में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि लोग पाकिस्तान के शासन से निराश हैं और सम्मान, विकास तथा लोकतांत्रिक अधिकार चाहते हैं। बाली भगत ने 1994 के संसदीय प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद के दोनों सदनों द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर जिसमें पीओजेके भी शामिल है भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट, अडिग और गैर-परक्राम्य है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में हुए विकास, लोकतांत्रिक सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने क्षेत्र में सुशासन और विकास को बढ़ावा दिया है जबकि पाकिस्तान पीओजेके में भय, दमन और दबाव की राजनीति चला रहा है। भगत ने नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये दल पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित उल्लंघन पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब भी भारत की आलोचना का अवसर मिलता है ये दल सक्रिय हो जाते हैं लेकिन पीओजेके में होने वाली घटनाओं पर मौन रहते हैं। इसी बीच उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से भी पीओजेके की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा