पीओजेके विस्थापित परिवारों की लंबित मांगों को लेकर निकाली रैली
जम्मू,, 25 जून (हि.स.)।
जम्मू में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) से विस्थापित परिवारों के संगठन पीओजेके डीपीज़ फ्रंट (नॉन-कैंप), 1971 छंब नियाबत ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज महाराजा हरि सिंह पार्क से एक रैली आयोजित की। फ्रंट के अध्यक्ष कैप्टन (सेवानिवृत्त) युधवीर सिंह चिब, महासचिव जे.पी. शर्मा तथा महिला विंग की अध्यक्ष सकंदया देवी के नेतृत्व में आयोजित रैली में बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
फ्रंट ने कहा कि पीओजेके विस्थापितों की कई समस्याएं पिछले छह दशकों से लंबित हैं। संगठन ने मांग की है कि वर्ष 2013 में गठित जस्टिस जी.डी. शर्मा समिति की सिफारिशों को पूरी तरह लागू किया जाए। समिति ने प्रत्येक विस्थापित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा देने की सिफारिश की थी जबकि अब तक केवल 5.5 लाख रुपये ही दिए गए हैं। संगठन ने शेष 24.5 लाख रुपये शीघ्र जारी करने की मांग उठाई है।
फ्रंट ने यह भी मांग की कि जम्मू क्षेत्र में अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई कृषि भूमि में से प्रत्येक पात्र विस्थापित परिवार को 6 एकड़ सिंचित और 8 एकड़ असिंचित भूमि आवंटित की जाए। इसके अलावा अगस्त 2024 में जारी सरकारी आदेशों के बावजूद आवंटित कृषि भूमि पर स्वामित्व अधिकार नहीं मिलने पर भी चिंता जताई गई।
संगठन ने गैर-कैंप पीओजेके विस्थापितों को 10 मरला आवासीय प्लॉट देने, कश्मीरी प्रवासियों की तर्ज पर विशेष पुनर्वास पैकेज लागू करने तथा जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीओजेके विस्थापितों के लिए दो सीटें आरक्षित करने की मांग भी दोहराई। फ्रंट नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों के समाधान के लिए प्रशासन और केंद्र सरकार से सकारात्मक हस्तक्षेप की अपेक्षा रखते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

