युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान तेज करने का संकल्प
जम्मू, 22 जून (हि.स.)। शिव सेना हिंदुस्तान ने आरएस पुरा के अरनिया क्षेत्र में सीमा से जुड़े गांवों के सरपंचों, प्रधानों और प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर नशे की बढ़ती समस्या और इसके युवाओं पर पड़ रहे दुष्प्रभावों पर चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए शिव सेना हिंदुस्तान जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष पंडित राजेश केसरि ने कहा कि हेरोइन (चिट्टा) का बढ़ता प्रचलन युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों के जिन युवाओं की पहचान सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में भर्ती होने से थी वे आज नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि गांवों का स्वस्थ वातावरण, अनुशासित जीवनशैली और सामाजिक मूल्य युवाओं को सही दिशा देते थे लेकिन नशे के बढ़ते कारोबार ने इस व्यवस्था को कमजोर किया है। केसरि ने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्वों और भ्रष्ट लोगों ने अपने निजी लाभ के लिए समाज को इस संकट की ओर धकेला है। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियानों और 100 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस लड़ाई में समाज, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान तेज करने और युवाओं को इस बुराई से बचाने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

