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दैनिक वेतन भोगियों का नियमितीकरण केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि एक मानवीय मुद्दा : वहीद पारा

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जम्मू, 30 मार्च (हि.स.)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और पुलवामा के विधायक वहीद-उर-रहमान पारा ने सोमवार को दैनिक वेतन भोगियों के नियमितीकरण को एक 'मानवीय मुद्दा' बताया और उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए पारा ने कहा कि लगभग एक लाख लोग अस्पतालों, एम्बुलेंस, पीएचई और सिंचाई सहित आवश्यक सेवाओं में काम कर रहे हैं और उनकी सेवाएं चौबीसों घंटे कामकाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा यह केवल रोजगार या नियमितीकरण का मुद्दा नहीं है, यह एक मानवीय चिंता का विषय है। ये कर्मचारी दशकों से सेवा कर रहे हैं, फिर भी उनमें से कई को मान्यता और सुरक्षा से वंचित रखा गया है।

उन्होंने आगे कहा कि उनके नियमितीकरण को सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक पहचान और एसआरओ प्रावधानों सहित पिछली पहलों को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। पारा ने सभी राजनीतिक दलों से मतभेदों को भुलाकर नियमितीकरण के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 20-30 साल सेवा करने के बाद उन्हें यह कहना कि वे कर्मचारी नहीं हैं, एक विश्वासघात है।

उन्होंने कहा कि सरकार को करुणा के साथ काम करना चाहिए और दिहाड़ी मजदूरों को न्याय दिलाना चाहिए। उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में शासन और पहुंच में सुधार के लिए नए जिलों और मंडलों के गठन सहित व्यापक प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया, साथ ही जनभावना के अनुरूप शराब विनियमन जैसे मुद्दों पर चर्चा करने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह