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विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के लिए विशेष नीति की अपील

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जम्मू,, 14 मई (हि.स.)।

पनुन कश्मीर ने केंद्र सरकार से कश्मीरी विस्थापित हिंदुओं के लिए लागू राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की समीक्षा और उसमें आवश्यक संशोधन करने की मांग की है।

जम्मू प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के अध्यक्ष अजय चरंगू ने कहा कि विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की स्थिति को सामान्य आर्थिक श्रेणी के रूप में देखना उनके ऐतिहासिक और सामाजिक दर्द को नजरअंदाज करने जैसा है।

संगठन ने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं का विस्थापन केवल आर्थिक समस्या नहीं बल्कि आतंकवाद, हिंसा और जबरन पलायन से जुड़ा मानवीय संकट है। प्रेस नोट में मांग की गई कि विस्थापित समुदाय के लिए अलग प्रशासनिक पहचान, विशेष सुरक्षा उपाय और पुनर्वास नीति सुनिश्चित की जाए।

पनुन कश्मीर ने सरकार से आग्रह किया कि विस्थापित परिवारों को राहत योजनाओं से वंचित न किया जाए तथा उनके लिए अलग राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार किया जाए। संगठन ने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आज भी असुरक्षा और आतंक का माहौल बना हुआ है जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता