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जगती टाउनशिप में मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर पनुन कश्मीर ने उठाए सवाल

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जम्मू,, 22 अक्टूबर (हि.स.)।

पनुन कश्मीर की ग्रीवेंस सेल ने जम्मू के जगती टाउनशिप और विस्थापित कश्मीरी हिंदू परिवारों के लिए बनी अन्य आवासीय कॉलोनियों में चल रहे मरम्मत, नवीनीकरण और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने निर्माण कार्यों में कथित घटिया सामग्री के इस्तेमाल और तकनीकी निगरानी की कमी का आरोप लगाते हुए सरकार तथा सड़क एवं भवन निर्माण विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पनुन कश्मीर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि इन कॉलोनियों में हजारों विस्थापित कश्मीरी हिंदू परिवार रहते हैं। संगठन के अनुसार, आवासीय ढांचे की बिगड़ती स्थिति और मरम्मत कार्यों की कथित खराब गुणवत्ता से निवासियों की सुरक्षा और रहने की परिस्थितियों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

संगठन ने विशेष रूप से जगती टाउनशिप में करीब 4,224 फ्लैटों वाले 176 ब्लॉकों में मरम्मत कार्यों की निगरानी पर सवाल उठाए। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक इतने बड़े स्तर पर चल रहे कार्यों की देखरेख के लिए कथित तौर पर केवल एक जूनियर इंजीनियर की तैनाती गंभीर चिंता का विषय है।

पनुन कश्मीर ने सरकार से पूछा कि क्या बड़े मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले इमारतों का व्यापक स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराया गया था। साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता और सरकारी धन के इस्तेमाल की निगरानी को लेकर भी जवाब मांगा गया है।

संगठन ने राहत एवं पुनर्वास आयुक्त और जम्मू-कश्मीर सरकार से प्रभावित ब्लॉकों का तत्काल निरीक्षण कराने तथा किसी स्वतंत्र तकनीकी संस्था से निर्माण कार्यों और इमारतों की सुरक्षा की जांच करवाने की मांग की है।

इसके अलावा निर्माण सामग्री की स्वतंत्र जांच, पर्याप्त इंजीनियरिंग स्टाफ की तैनाती और ठेकेदारों के बिलों का भुगतान करने से पहले पूरे किए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

पनुन कश्मीर ने मांग की कि सरकारी धन के इस्तेमाल, वर्क ऑर्डर, ठेकेदारों, निरीक्षण रिपोर्ट और भुगतान से संबंधित जानकारी लागू नियमों के अनुसार सार्वजनिक की जाए। संगठन ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच में किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही अथवा वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

संगठन ने उपराज्यपाल, मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

पनुन कश्मीर के मीडिया सचिव एम.के. धर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि विस्थापित परिवारों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर आवासीय सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता