home page

11 अक्टूबर से अब तक 38 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने वैष्णोदेवी मंदिर में किए दर्शन

 | 

जम्मू, 19 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णोदेवी मंदिर में नवरात्रि उत्सव के दौरान भारी भीड़ देखी गई। 11 अक्टूबर से अब तक 38 लाख से अधिक तीर्थयात्री मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। दशहरा पर तीर्थयात्रियों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। मंदिर के आधार शिविर कटरा शहर में साफ मौसम और उत्सवपूर्ण माहौल के बीच श्रद्धालुओं का निरंतर तांता लगा हुआ है।

अधनिकारियों ने बताया कि आज दोपहर 2 बजे तक चल रही शारदीय नवरात्रि के दौरान माता वैष्णोदेवी गुफा मंदिर में 38 लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं। शारदीय नवरात्रि दो प्रमुख नवरात्रि उत्सवों में से एक है, दूसरा चैत्र है। शारदीय नवरात्रि शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) में होती है। यात्रा सुचारू रूप से चल रही है, हालांकि मार्ग और भवन में भारी भीड़ देखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि नवरात्रि के पहले आठ दिनों के दौरान त्रिकुटा पहाड़ियों की चोटी पर स्थित गुफा मंदिर में 3.62 लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए जबकि शेष तीर्थयात्रियों ने सोमवार को मंदिर का दौरा किया।

11 अक्टूबर को कुल 47,574 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, इसके बाद 12 अक्टूबर को 48,400, 13 अक्टूबर को 46,558, 14 अक्टूबर को 41,961 और 15 अक्टूबर को 39,951 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए। 16 अक्टूबर को 41,750 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जबकि 17 अक्टूबर को 48,500 तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका और 18 अक्टूबर को 47,700 तीर्थयात्रियों ने तीर्थयात्रा के लिए पंजीकरण कराया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार दोपहर तक 20,000 से अधिक तीर्थयात्री तीर्थस्थल की ओर प्रस्थान कर चुके थे। उन्होंने बताया कि तीर्थयात्री अपनी यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी से चलने वाली कारें, टट्टू और पिठू जैसी सुविधाओं का लाभ उठाते रहे। दशहरा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है क्योंकि इस दौरान पारंपरिक रूप से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री इस पवित्र तीर्थस्थल पर दर्शन करने आते हैं। नौ दिवसीय शत चंडी महा यज्ञ नौवें दिन में प्रवेश कर गया है, जहां मंदिर परिसर में स्थित यज्ञशाला में प्रार्थनाएं और वैदिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। मंदिर, तीर्थयात्रा मार्ग और कटरा शहर को फूलों, फलों और दीपों से सजाया गया है।

मंदिर बोर्ड ने दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की है जिसमें मुफ्त टट्टू और बैटरी-कार सेवाएं, प्राथमिकता दर्शन और समर्पित सहायता केंद्र शामिल हैं। पीने का पानी, स्वच्छता सुविधाएं और चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं और तीर्थयात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर आपातकालीन प्रतिक्रिया कर्मियों को तैनात किया गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता