पूर्णिमा पर रांजड़ी में साहिब बंदगी के सद्गुरु साहिब जी के प्रवचन, श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध
जम्मू, 02 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू के रांजड़ी क्षेत्र में पूर्णिमा के पावन अवसर पर साहिब बंदगी के सद्गुरु साहिब जी ने अपने दिव्य प्रवचनों से दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति, आत्मा के स्वरूप और अमर लोक के रहस्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब न माया थी, न काल और न ही अवतारों का अस्तित्व था, केवल एक परम तत्व ही विद्यमान था। उन्होंने बताया कि अमर लोक समय, जन्म-मरण और नाश से परे है, जहाँ न दिन-रात का कोई भेद है और न ही भय का अस्तित्व। सद्गुरु साहिब जी ने कहा कि आत्मा परमात्मा का अंश है और सच्चा सुख उसी अमर लोक में निहित है। उन्होंने वर्तमान संसार को दुखों का घर बताते हुए कहा कि सभी प्राणी सुख की तलाश में भटक रहे हैं जबकि वास्तविक शांति और आनंद परम पुरुष की भक्ति में ही संभव है।
उन्होंने संतों की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चे संतों ने सदैव परम तत्व की भक्ति का मार्ग दिखाया, भले ही इसके लिए उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने कबीर साहिब के विचारों का संदर्भ देते हुए कहा कि आत्मा के वास्तविक रक्षक को जानना ही सच्ची साधना है। प्रवचन के दौरान उन्होंने “नाम” की महत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि गुरु द्वारा दिया गया नाम व्यक्ति के भीतर एक दिव्य शक्ति का संचार करता है, जिससे नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव समाप्त हो जाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

