home page

केरल के लिए मंजूरी मिलने के बाद उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल के नाम परिवर्तन की मांग का समर्थन किया

 | 

श्रीनगर, 25 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि केंद्र को पश्चिम बंगाल सरकार की राज्य का नाम बदलने की मांग स्वीकार कर लेनी चाहिए क्योंकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल के लिए इसी तरह के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस मंजूरी के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असंतोष व्यक्त किया कि केरल के लिए इस कदम के बावजूद उनके राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव लंबे समय से केंद्र के पास लंबित है।

श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, अन्य राज्यों ने भी नाम बदलने के प्रस्ताव दिए हैं। अगर पश्चिम बंगाल विधानसभा राज्य का नाम बदलना चाहती है तो केंद्र को इस मांग को स्वीकार कर लेना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, अगर भविष्य में जम्मू और कश्मीर विधानसभा में इसी तरह का कोई प्रस्ताव आता है तो केंद्र को उस पर भी उचित विचार करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन का कश्मीर की अपनी पहली यात्रा पर स्वागत भी किया। उपराष्ट्रपति गुरुवार को कश्मीर विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। “वे आज शाम दीक्षांत समारोह में शामिल होने आ रहे हैं। छात्र उनसे अपनी डिग्रियां और पदक प्राप्त करने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है और हम उनका स्वागत करते हैं,” अब्दुल्ला ने कहा। इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने रैनावारी चौक पर 'बाब-उल-सुल्तान-उल-आरिफीन' सुलेख द्वार की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सरकार द्वारा पुराने शहर को सुंदर बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे स्थान पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद करेंगे और शहर के भीतरी इलाकों (डाउनटाउन) को लाभ पहुंचाएंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता