एपीएल कार्डधारकों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ देने की मांग
जम्मू, 21 जनवरी (हि.स.)। शिवसेना हिंदुस्तान की जम्मू-कश्मीर इकाई ने सरकार से वृद्धावस्था पेंशन योजना में अहम बदलाव की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि केवल बीपीएल राशन कार्ड को अनिवार्य करने की शर्त के कारण बड़ी संख्या में पात्र बुजुर्ग पेंशन के लाभ से वंचित रह जा रहे हैं, जिससे उन्हें गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह मांग आज आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिवसेना हिंदुस्तान जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष पंडित राजेश केसरी ने उठाई। उन्होंने कहा कि कई वरिष्ठ नागरिक ऐसे हैं जिनकी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है, लेकिन बीपीएल राशन कार्ड न होने के कारण उन्हें वृद्धावस्था पेंशन से वंचित किया जा रहा है। यह व्यवस्था न केवल कठोर बल्कि अव्यावहारिक भी है।
पंडित केसरी ने बताया कि बीपीएल राशन कार्ड के लिए तय मानदंड अत्यधिक सख्त हैं। उन्होंने कहा कि फ्रिज, स्कूटर या टीवी जैसे सामान्य घरेलू सामान होने मात्र से परिवारों को बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिया जाता है, जबकि ये वस्तुएं आर्थिक संपन्नता का प्रमाण नहीं हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गरीबी का आकलन व्यक्ति की आय, स्वास्थ्य स्थिति और आत्मनिर्भरता के आधार पर होना चाहिए, न कि घरेलू वस्तुओं के आधार पर। कई बुजुर्ग अपने बच्चों या अस्थायी सहारे पर निर्भर हैं और पेंशन न मिलने से उनकी आर्थिक व सामाजिक असुरक्षा बढ़ रही है।
शिवसेना हिंदुस्तान ने सरकार से बीपीएल राशन कार्ड के नियमों में ढील देने, एपीएल राशन कार्डधारकों को भी वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में लाने तथा पारिवारिक राशन कार्ड को अलग करने की सुविधा देने की मांग की, ताकि बुजुर्गों के अधिकार प्रभावित न हों।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

