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25 जून को मनाई जाएगी निर्जला एकादशी, जम्मू के श्रद्धालु करेंगे व्रत और दान-पुण्य

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25 जून को मनाई जाएगी निर्जला एकादशी, जम्मू के श्रद्धालु करेंगे व्रत और दान-पुण्य


जम्मू, 21 जून (हि.स.)। जम्मू में आगामी 25 जून को श्रद्धा और भक्ति के साथ निर्जला एकादशी मनाई जाएगी। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन तथा दान-पुण्य के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के प्रधान महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है और इसे पांडव एकादशी अथवा भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। महंत रोहित शास्त्री के अनुसार इस वर्ष एकादशी तिथि 24 जून की सायं 6:12 बजे प्रारंभ होकर 25 जून की रात्रि 8:10 बजे समाप्त होगी। सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहने के कारण व्रत 25 जून को रखा जाएगा जबकि पारण 26 जून को किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पद्म पुराण में निर्जला एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से वर्षभर की सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है तथा व्यक्ति को दीर्घायु, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन जल तक ग्रहण नहीं किया जाता इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। जम्मू में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा मीठे पानी की छबीलें लगाई जाएंगी तथा जरूरतमंदों को छाता, वस्त्र, फल, जल से भरे कलश और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान किया जाएगा। महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि जो लोग तीर्थ या नदी में स्नान नहीं कर सकते वे घर पर स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंदों की सहायता कर पुण्य अर्जित करें।

उन्होंने श्रद्धालुओं से एकादशी के दिन ॐ नमो वासुदेवाय मंत्र का जाप करने, सात्विक जीवनशैली अपनाने तथा नशे और तामसिक भोजन से दूर रहने की अपील भी की। महंत शास्त्री ने कहा कि एकादशी व्रत धार्मिक महत्व के साथ-साथ मानसिक शांति, आत्मसंयम और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा