त्राल क्षेत्र में मुस्लिम और सिख समुदाय के लोगों ने एक कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार में लिया भाग
श्रीनगर, 20 मई (हि.स.)। पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में मुस्लिम और सिख समुदाय के लोगों ने एक कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार में भाग लिया। 90 वर्षीय जिगरी जो 1990 में उग्रवाद बढ़ने के बाद भी त्राल क्षेत्र के अपने पैतृक गांव मिडोरा में ही रहीं का मंगलवार को गांव में निधन हो गया।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि उनके निधन की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग जिसमें मुस्लिम, सिख और हिंदू शामिल थे उनके परिवार के घर पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एकत्रित हो गए। उनके पार्थिव शरीर का स्थानीय श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
एक निवासी आयतुल्लाह ने कहा कि वह हमारी मां थीं और हम सभी उनके निधन पर शोक मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि सिख, पंडित और मुस्लिम सभी यहां शोक में एकत्रित हैं। उन्होंने कहा कि जिगरी का परिवार उनके पति सहित पिछले 35 वर्षों में घाटी में आए उथल-पुथल भरे दौर में भी सद्भाव से रहा। उन्होंने कहा कि उनके पति हकीम (पारंपरिक स्वास्थ्य चिकित्सक) के रूप में काम करते थे और वे यहां के लोगों का बीमारियों का इलाज करते थे। हमें शायद ही कभी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ती थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

