मरीजों के लिए एक विशेष ध्यान एवं माइंडफुलनेस सत्र का आयोजन
जम्मू 07 मई (हि.स.)। चल रहे नशामुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के तहत और मादक द्रव्यों के सेवन से जूझ रहे व्यक्तियों के पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में निरंतर प्रयासों के अंतर्गत जिला पुलिस नशामुक्ति केंद्र ने आज केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए एक विशेष ध्यान एवं माइंडफुलनेस सत्र का आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान नशे से उबर रहे लोगों को भावनात्मक स्थिरता, मानसिक अनुशासन, तनाव प्रबंधन कौशल और आंतरिक सकारात्मकता विकसित करने में मदद करना था।
विशेषज्ञ परामर्शदाताओं और स्वास्थ्य प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न श्वास व्यायामों, ध्यान तकनीकों और विश्राम अभ्यासों के माध्यम से मार्गदर्शन दिया जिनका उद्देश्य आत्म-नियंत्रण को बढ़ावा देना और चिंता को कम करना था। कार्यक्रम में भर्ती मरीजों ने सक्रिय रूप से भाग लिया जिन्होंने इस पहल की सराहना की और शांत और प्रेरक अनुभव के बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
अधिकारियों ने जोर दिया कि नशे से उबरने के लिए न केवल चिकित्सा उपचार बल्कि मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक समर्थन भी आवश्यक है जिसमें इस तरह की स्वास्थ्य-उन्मुख गतिविधियाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर बोलते हुए पुलिस नशामुक्ति केंद्र के अधिकारियों ने एनएमबीए के तहत जागरूकता, परामर्श, उपचार और पुनर्वास पहलों के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने परिवारों और समाज से भी आग्रह किया कि वे नशामुक्ति से गुजर रहे व्यक्तियों को कलंकित करने के बजाय उनका समर्थन करें। जिला पुलिस नशाखोरी के खिलाफ अपने सतत अभियान के तहत जागरूकता अभियान, परामर्श कार्यक्रम, योग और ध्यान सत्र और सामुदायिक संपर्क गतिविधियों का आयोजन जारी रखे हुए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

