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महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने पर मज़दूर कॉन्फ्रेंस ने जताई कड़ी नाराज़गी

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जम्मू, 18 अप्रैल (हि.स.)। नेशनल मज़दूर कॉन्फ्रेंस (एनएमसी) के अध्यक्ष सुभाष शास्त्री ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो महिला आरक्षण से संबंधित है के आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल न कर पाने और असफल रहने पर कड़ी निंदा की है। जारी बयान में शास्त्री ने कहा कि यह घटना भारतीय लोकतंत्र के लिए “काला दिन” है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा झटका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल के विरोधी दलों ने महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने में बाधा उत्पन्न की है और यह महिलाओं के प्रति नकारात्मक मानसिकता को दर्शाता है।

शास्त्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से यह विधेयक अटका हुआ है और एक बार फिर इसे रोककर लाखों महिलाओं के साथ विश्वासघात किया गया है। उन्होंने इसे “नारी शक्ति” के अपमान के रूप में करार देते हुए कहा कि देश की महिलाएं संसद में अपनी उचित भागीदारी की हकदार हैं। उन्होंने विपक्ष पर देश को उत्तर-दक्षिण के आधार पर बांटने और परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया। शास्त्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक बाधा नहीं बल्कि करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात है जिसे देश कभी नहीं भूलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा