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खराब मौसम के कारण श्री मचैल माता यात्रा 27 जुलाई तक स्थगित, सभी तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आरएफआईडी अनिवार्य: डीसी किश्तवार

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खराब मौसम के कारण श्री मचैल माता यात्रा 27 जुलाई तक स्थगित, सभी तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आरएफआईडी अनिवार्य: डीसी किश्तवार


किश्तवाड़ 24 जुलाई (हि.स.)। किश्तवार के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने आज सूचित किया कि श्री मचैल माता यात्रा 2026 आधिकारिक तौर पर 25 जुलाई से 8 सितंबर तक निर्धारित थी हालांकि खराब मौसम के कारण यात्रा तीन दिनों के लिए स्थगित कर दी गई है और इसे 27 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है।

जिला प्रशासन इसके बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा करेगा और यात्रा तभी शुरू होगी जब मौसम अनुकूल होगा।

उपायुक्त ने कहा कि श्री मचैल माता जी के पवित्र मंदिर का कपात 25 जुलाई को रीति-रिवाजों के अनुसार फिर से खुल जाएगा जिसमें मचैल के पुजारी और स्थानीय लोग पारंपरिक अनुष्ठान करेंगे। इसके बाद मौजूदा मौसम को ध्यान में रखते हुए अनुकूल मौसम की स्थिति के आकलन के अधीन श्रद्धालुओं के लिए तीर्थयात्रा 28 जुलाई से शुरू होगी।

इस वर्ष लागू किए गए नए मानक संचालन मुख्य रूप से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हैं। पंजीकरण पूरी तरह से ऑनलाइन और अनिवार्य कर दिया गया है और आरएफआईडी प्रणाली लागू कर दी गई है। आरएफआईडी प्रणाली के तहत प्रत्येक तीर्थयात्री की आवाजाही पर नज़र रखी जाएगी। तीर्थयात्रियों की आवाजाही की निगरानी और यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा पहले ही स्थापित कर दिया गया है कि खड़ी घाटियों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों सहित संवेदनशील इलाकों में भीड़भाड़ न हो।

डीसी ने बताया कि यात्रा जम्मू से शुरू होती है। जम्मू से मचैल भवन तक की कुल दूरी 304.7 किमी है जिसमें से केवल 1.7 किमी पैदल तय करनी होगी जबकि शेष मार्ग मोटर योग्य है। अंतिम मोटर योग्य बिंदु दर्शनी ड्योढ़ी पर पीने का पानी, बिजली, स्वच्छता, शौचालय और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। दर्शनी ड्योढ़ी मचैल में 50-70 वाहनों की क्षमता वाला एक छोटा बस स्टैंड स्थापित किया गया है जो गुलाबगढ़ से तीर्थयात्रियों को लाएगा।

तीर्थयात्रियों को केवल सुबह 5:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच यात्रा करने की अनुमति होगी।

प्रतिदिन 8,000 तीर्थयात्रियों की सीमा तय की गई है और सीमा पूरी होने पर शेष पंजीकृत तीर्थयात्रियों को अगले दिन यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।

उपायुक्त ने सभी तीर्थयात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले अपना पंजीकरण पूरा करने का आग्रह किया। ऑनलाइन पंजीकरण आधिकारिक पोर्टल http://www.srimachalmatayatra.com के माध्यम से किया जा सकता है जिसमें चरण-दर-चरण दिशानिर्देश दिए गए हैं।

तीर्थयात्रियों को अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करना होगा, ओटीपी के माध्यम से इसकी पुष्टि करनी होगी और साथ आने वाले परिवार के सदस्यों का विवरण जोड़ना होगा।

आगंतुकों की संभावित भीड़ को देखते हुए बेस कैंप, गौरी शंकर मंदिर, सरकूट, किश्तवार में दो आरएफआईडी यात्रा पंजीकरण काउंटर स्थापित किए गए हैं और गुलाबगढ़ में छह से सात काउंटर स्थापित किए गए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आरएफआईडी कार्ड के बिना किसी भी तीर्थयात्री को देवंडी मोड़ पर पहली सुरक्षा जांच से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आरएफआईडी सभी तीर्थयात्रियों जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, के लिए अनिवार्य कर दिया गया है क्योंकि इससे अधिकारियों को भीड़ की आवाजाही पर नजर रखने संवेदनशील स्थानों पर जमावड़े की पहचान करने और समय पर मार्गदर्शन और सहायता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। तीर्थयात्रियों को संवेदनशील स्थानों पर रुकने से रोकने के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

एसएसपी किश्तवार नरेश सिंह ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्ग पर पुलिस एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और विशेष पुलिस की चौकियां तैनात की गई हैं।

बता दें कि मां मचैल की यात्रा शुरू करवाने में उनके परम भक्त कुलबीर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परंतु पिछले पांच छह कुछ वर्षों से यात्रा में व्यवधान लगातार जारी हैं क्योंकि कुछ स्वार्थी तत्वों ने इस यात्रा के माध्यम से अपना स्वार्थ सिद्ध करने की कोशिश की जिसके बाद से ही यात्रा में भारी व्यवधान जारी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह