उपराज्यपाल सक्सेना ने लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर के कृत्रिम आइस हॉकी रिंक का किया उद्घाटन
लेह, 13 अगस्त (हि.स.)। लद्दाख में शीतकालीन खेलों के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देते हुए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आज लेह के एनडीएस स्टेडियम में केंद्र शासित प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर के कृत्रिम आइस हॉकी रिंक का उद्घाटन किया। उन्होंने इस सुविधा को लद्दाख के युवा खिलाड़ियों के भविष्य में एक बड़ा निवेश बताया। लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक रिंक में चौबीसों घंटे सुविधा है जिससे आइस हॉकी खिलाड़ी प्राकृतिक मौसम की परवाह किए बिना पूरे वर्ष प्रशिक्षण कर सकेंगे।
यह सुविधा लद्दाख में आइस हॉकी के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यानी बर्फ के प्राकृतिक मौसम की अत्यंत छोटी अवधि का समाधान करती है। अब तक खिलाड़ी मुख्य रूप से सर्दियों के महीनों पर निर्भर थे और उनके पास प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के लिए केवल दो से तीन महीने की सीमित अवधि होती थी।
इस सीमित अवधि का मतलब यह भी था कि टूर्नामेंट और अन्य प्रतियोगिताओं को पहले से ही व्यस्त मौसमी कार्यक्रम में समायोजित करना पड़ता था जिससे निरंतर प्रशिक्षण और व्यवस्थित तैयारी के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती थी। नए 24x7 रिंक के साथ यह सीमा दूर होने की उम्मीद है।
इस सुविधा से लद्दाख के आइस हॉकी खिलाड़ियों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। उपराज्यपाल ने इस सुविधा को लद्दाख के युवाओं में एक ऐतिहासिक निवेश बताया और विश्वास व्यक्त किया कि इससे केंद्र शासित प्रदेश भारत और विश्व के अग्रणी शीतकालीन खेल केंद्रों में से एक बनने में सक्षम होगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने और लद्दाख जैसे दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण खेल अवसंरचना तक पहुंच का विस्तार करने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि यह 24x7 कूलिंग सुविधा सुनिश्चित करेगी कि हमारे युवा खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए अब सर्दियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे अब पूरे वर्ष प्रशिक्षण ले सकते हैं जिससे उन्हें उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक लचीलापन और निरंतरता मिलेगी। मुझे विश्वास है कि यह निरंतर प्रशिक्षण अवसर हमारे खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम बनाएगा। यह आइस रिंक भारत के शीतकालीन खेल मानचित्र पर लद्दाख की स्थिति को मजबूत करेगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि यह सुविधा लेह और लद्दाख के अन्य हिस्सों से नई प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें निखारने में भी सहायक होगी और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए व्यवस्थित रूप से तैयार करेगी।
उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि प्रतिस्पर्धी खेलों के अलावा, विश्व स्तरीय यह सुविधा खेल पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में व्यापक अवसर पैदा करने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

