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उपराज्यपाल ने कुपवाड़ा के तंगधार में एसएम हिल पर 'शौर्य गाथा' परिसर का किया उद्घाटन

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उपराज्यपाल ने कुपवाड़ा के तंगधार में एसएम हिल पर 'शौर्य गाथा' परिसर का किया उद्घाटन


श्रीनगर, 14 मई (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कुपवाड़ा जिले के करनाह के तंगधार स्थित एसएम हिल पर 'शौर्य गाथा' परिसर का उद्घाटन किया। यह पहल युद्धक्षेत्र पर्यटन, विरासत संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उपराज्यपाल ने उत्तरी कमान, चिनार कोर और सभी अधिकारियों, सैनिकों, इंजीनियरों, कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों को कम समय में इस प्रतिष्ठित परियोजना को पूरा करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे वीर सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और उनका साहस और बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों और जनता का समर्पण ही राष्ट्र की सच्ची शक्ति है। शौर्य गाथा परिसर भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को श्रद्धांजलि है। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों और युद्धक्षेत्र पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय हस्तशिल्प और युवा उद्यमशीलता के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

उपराज्यपाल ने नियंत्रण रेखा के इस तरफ के विकास और अवैध रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर को भी उजागर किया और कहा कि जम्मू-कश्मीर शांति, प्रगति और समृद्धि के युग का गवाह है जबकि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर उपेक्षा और कुशासन से ग्रस्त है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। जम्मू-कश्मीर सभी मोर्चों पर विकास की ओर अग्रसर है। आत्मविश्वास की एक नई भावना जागृत हुई है और समाज पहले से कहीं अधिक समृद्ध और शांतिपूर्ण है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रशासन सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत रणभूमि दर्शन पहल के तहत वीरता स्थलों को बढ़ावा देने जैसी पहल से तंगधार-कर्णह क्षेत्र में आर्थिक विकास और समृद्धि आएगी साथ ही इस क्षेत्र की समृद्ध रक्षा विरासत और संस्कृति का प्रदर्शन भी होगा। उन्होंने बताया कि तंगधार और कर्णह के सात गांवों को जीवंत ग्राम कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जिससे बेहतर बुनियादी ढांचा, आजीविका के अवसर और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।

उपराज्यपाल ने साधना सुरंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सुरंग हर मौसम में आवागमन की सुविधा प्रदान कर व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आपदा राहत प्रदान करके क्षेत्र में संपर्क, सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह