भारत सरकार की उल्लास योजना के तहत जम्मू कश्मीर ने पूर्ण साक्षरता में मील का पत्थर हासिल किया: उपराज्यपाल
श्रीनगर, 04 अगस्त। (हि.स.)
जम्मू कश्मीर भारत सरकार की उल्लास (समाज में सभी के लिए आजीवन शिक्षा को समझना) योजना के तहत पूर्ण रूप से साक्षर नौ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में शामिल होकर गौरव प्राप्त कर रहा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शिक्षकों, प्रशासकों और सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है।
एक पोस्ट में उपराज्यपाल ने लिखा कि जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश भारत सरकार की उल्लास योजना के तहत पूर्ण रूप से साक्षर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में शामिल होकर गौरव प्राप्त कर रहा है। 99.09% सफलता के साथ यह इस मील के पत्थर को हासिल करने वाला सबसे अधिक आबादी वाला क्षेत्र बनकर खड़ा है। हमारे शिक्षकों, प्रशासकों और सभी हितधारकों को बधाई जिन्होंने इसे संभव बनाया। आइए हम हमेशा याद रखें कि शिक्षा सशक्तिकरण की सबसे सच्ची शक्ति है और इस मिशन को आगे बढ़ाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि उल्लास योजना के तहत पहचाने गए 180317 निरक्षरों में से 178680 (99.09%) उत्तीर्ण हुए हैं।
किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश को पूर्णतः साक्षर घोषित करने का मानदंड 95% या उससे अधिक साक्षरता दर प्राप्त करना है, यह मानते हुए कि बढ़ती उम्र और बौद्धिक क्षमताओं जैसे कारकों के कारण 100% साक्षरता संभव नहीं है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने उपरोक्त मानदंडों के अनुसार पूर्ण साक्षरता प्राप्त करने के लिए अपनी रणनीतियाँ और योजनाएँ तैयार की हैं और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया है।
अब तक नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने उल्लास योजना के तहत स्वयं को पूर्णतः साक्षर घोषित किया है। जिनमें लद्दाख, मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम, उत्तराखंड, और जम्मू-कश्मीर 10वां केंद्र शासित प्रदेश शामिल है।
जम्मू-कश्मीर अब तक घोषित केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक जनसंख्या वाला केंद्र शासित प्रदेश है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

