home page

अनंतनाग में उपराज्यपाल ने हरबाह महोत्सव को किया संबोधित

 | 
अनंतनाग में उपराज्यपाल ने हरबाह महोत्सव को किया संबोधित


अनंतनाग, 26 जुलाई (हि.स.)।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज अनंतनाग में आयोजित पवित्र हरबाह महोत्सव में भाग लिया और माता सिद्ध लक्ष्मी को नमन किया। उन्होंने वार्षिक हवन में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं को भी शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि हरबाह महोत्सव भक्ति, कृतज्ञता और आंतरिक अनुभव का एक गहन क्षण है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अनंतनाग स्थित तीर्थराज लोक भवन अपने शांत और दिव्य वातावरण के साथ भारत की शाश्वत आध्यात्मिक परंपरा का एक जीवंत प्रतीक है।

यहाँ का हर पत्थर, हर धारा और हर साँस हमारी सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की अमर चेतना को व्यक्त करती है जिसने सदियों से मानवता को सत्य, करुणा और धर्म के मार्ग पर मार्गदर्शन दिया है।

पवित्र मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कल्हण की राजतरंगिणी में वर्णित इसके प्राचीन नाम लोकपुण्य का स्मरण किया। उपराज्यपाल ने कहा कि वार्षिक हवन और ध्वजारोहण भक्ति, सेवा, त्याग, धैर्य और सामाजिक सद्भाव की भावना को पुनर्जीवित करते हैं।

उपराज्यपाल ने आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने जहाँ एक ओर विश्व को निकट लाया है वहीं दूसरी ओर इसने अकेलेपन और विभाजन को भी बढ़ावा दिया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आध्यात्मिक मूल्य समाज की नींव बने रहने चाहिए और एकता, करुणा और सभी के प्रति सम्मान के महत्व को रेखांकित किया।

हरबाह उत्सव हमें याद दिलाता है कि सच्ची भक्ति मानवता की सेवा, पारस्परिक सम्मान और निस्वार्थ प्रेम के रूप में प्रकट होती है।

उन्होंने एक शांतिपूर्ण और समृद्ध समाज के लिए अपना दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया और लोगों से तीन प्रमुख अपीलें कीं। उपराज्यपाल ने कहा कि विश्वास और समृद्धि के निर्माण के लिए आध्यात्मिक मूल्यों को व्यक्तिगत और संस्थागत आचरण का मार्गदर्शक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में शारीरिक शक्ति के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ कर्म और समर्पण के माध्यम से युवाओं में उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जानी चाहिए।

जम्मू कश्मीर की युवा पीढ़ी से आह्वान करते हुए उपराज्यपाल ने उनसे न केवल आधुनिक शिक्षा से बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से भी जुड़े रहने का आग्रह किया।

उपराज्यपाल ने कहा कि सच्चा ज्ञान विनम्रता से प्राप्त होता है और दूसरों की सेवा में उपयोग किए जाने पर इसकी शक्ति पवित्र हो जाती है।

पद्म श्री बृज लाल भट, स्वामी श्रीराम चरण अरविंद दास, निदेशक परियोजना, इस्कॉन, जावेद इकबाल मट्टू डीआईजी दक्षिण कश्मीर, अमोद अशोक नागपुरे, एसएसपी अनंतनाग, डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट उपायुक्त अनंतनाग, संजय कौल, अध्यक्ष, सर्व अल्पसंख्यक कर्मचारी संघ कश्मीर, पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, तीर्थराज सिद्ध लक्ष्मी पीठ ट्रस्ट के सदस्य, प्रमुख नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह