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उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर लद्दाख प्रशासन को मितव्ययिता के उपाय अपनाने का दिया निर्देश

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लेह, 30 मई (हि.स.)। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शनिवार को विभागों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता आह्वान के अनुरूप मितव्ययिता को बढ़ावा देने, सतत प्रथाओं को अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इन निर्देशों का उद्देश्य सरकारी खर्च को कम करना, ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन में कटौती करना, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, टिकाऊ उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करना, स्थानीय आजीविका को मजबूत करना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री ने हमारे दैनिक जीवन, शासन प्रणाली और विकासात्मक गतिविधियों में सतत प्रथाओं को अपनाने के लिए समयोचित और दूरदर्शी आह्वान किया है।

उपराज्यपाल ने कहा कि संसाधन संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, स्थानीय उत्पादों को समर्थन देना, स्वस्थ जीवनशैली और सतत विकास सामूहिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा कि लद्दाख अपनी अनूठी पारिस्थितिकी और अपार संभावनाओं के साथ ऐसे परिवर्तनकारी उपायों को लागू करने में एक मिसाल कायम करने के लिए उपयुक्त स्थान पर है।

बिजली, परिवहन और शहरी विकास विभागों को ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने, सरकारी भवनों में छत पर सौर प्रणालियों की स्थापना में तेजी लाने, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने का कार्य सौंपा गया है। लोक निर्माण विभाग को पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री को प्रोत्साहित करने जहां संभव हो सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग को बढ़ावा देने और बायोबिटुमेन जैसी हरित प्रौद्योगिकियों की खोज करने का निर्देश दिया गया है।

उद्योग और वाणिज्य, हस्तशिल्प और हथकरघा, और ग्रामीण विकास विभागों को 'वोकल फॉर लोकल' और 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' पहलों के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने को मजबूत करने और लघु एवं मध्यम उद्यमों, कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों का समर्थन करने के लिए कहा गया है। पर्यटन विभाग को लद्दाख को एक पसंदीदा घरेलू पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए अभियानों को तेज करने और जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है। कृषि और बागवानी विभाग भी इसमें योगदान देंगे।

अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दिया जाए और स्वास्थ्य विभाग को स्वस्थ जीवन शैली और संतुलित आहार संबंधी आदतों को बढ़ावा देने वाले अभियान चलाने के लिए कहा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता