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लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के निवासियों के आधार रिकॉर्ड में 'जम्मू-कश्मीर' की जगह दर्ज हुआ 'लद्दाख'

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लद्दाख, 11 अप्रैल (हि.स.)। लद्दाख के निवासियों की क्षेत्रीय पहचान को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के हस्तक्षेप के बाद आधार रिकॉर्ड को सफलतापूर्वक अपडेट कर राज्य के क्षेत्र में 'जम्मू-कश्मीर' की जगह 'लद्दाख' दर्ज कर दिया है।

2019 में जम्मू कश्मीर से अलग होकर लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बनने के बावजूद लद्दाख के लोगों के आधार रिकॉर्ड में लद्दाख के बजाय पहले के राज्य का नाम - जम्मू कश्मीर ही दर्ज था जिससे व्यापक चिंता और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उपराज्यपाल ने इस महत्वपूर्ण मामले में लंबे समय से लंबित स्थिति का गंभीर संज्ञान लेते हुए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रशासन ने उच्च स्तर पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के समक्ष यह मामला उठाया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि लंबे समय से प्रतीक्षित यह सुधार अब सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि आधार कार्ड में लद्दाख की विशिष्ट क्षेत्रीय पहचान का सही प्रतिनिधित्व हो। विज्ञप्ति में कहा गया है कि लद्दाख निवासियों के आधार रिकॉर्ड में लगातार जम्मू कश्मीर का दिखना लोगों के लिए काफी असुविधाजनक था। निवासियों को विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाते समय पहचान और पते के वैध दस्तावेज के रूप में आधार का उपयोग करने में कठिनाई हो रही थी क्योंकि आधार में राज्य वाला क्षेत्र लद्दाख की पुनर्गठन के बाद की स्थिति से मेल नहीं खाता था। इस समस्या ने न केवल नागरिकों के लिए परेशानी खड़ी की बल्कि आधार से जुड़े रिकॉर्ड और प्रगति रिपोर्टों में केंद्र शासित प्रदेश के उचित प्रतिनिधित्व को भी प्रभावित किया।

उपराज्यपाल ने कहा कि इस कदम से प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करके और सेवाओं तक निर्बाध पहुंच को सक्षम बनाकर लद्दाख निवासियों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना कि लद्दाख की पहचान आधिकारिक अभिलेखों में सही ढंग से दर्ज हो, न केवल प्रशासनिक आवश्यकता है बल्कि हमारे लोगों की पहचान और सुविधा का भी मामला है। इस लंबे समय से लंबित मुद्दे का सफल समाधान केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की उत्तरदायी शासन व्यवस्था, सुगम जीवन और लद्दाख की अनूठी पहचान को सभी आधिकारिक मंचों पर उचित रूप से प्रस्तुत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने यूआईडीएआई के समन्वय से राज्य के क्षेत्र को केंद्रीय रूप से अद्यतन करने के लिए एक अभिनव तंत्र विकसित किया। प्रत्येक निवासी को आधार केंद्रों पर व्यक्तिगत रूप से सुधार के लिए जाने की आवश्यकता के बजाय, अभिलेखों का अद्यतन लद्दाख के विशिष्ट पिन कोड के आधार पर किया गया। इन पिन कोडों का सत्यापन डाक विभाग के समन्वय से किया गया और यूआईडीएआई के साथ साझा किया गया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस विकास से लद्दाख के लोगों को काफी राहत मिली है क्योंकि अब उन्हें अपने रिकॉर्ड को अपडेट कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से आधार केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। निवासी अब आधिकारिक यूआईडीएआई पोर्टल से आसानी से अपना अपडेटेड ई-आधार डाउनलोड कर सकते हैं और पीवीसी आधार कार्ड प्राप्त करने के इच्छुक लोग मामूली शुल्क का भुगतान करके इसे ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह