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कश्मीरियों ने युद्धग्रस्त ईरान के लिए किया चंदा एक्टठा

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श्रीनगर, 23 मार्च (हि.स.)। कश्मीर के कुछ इलाकों में लोगों ने युद्धग्रस्त ईरान के राहत कोष के लिए नकद, सोना और तांबे के बर्तन सहित कई चीजें दान कीं। दान के लिए आभार व्यक्त करते हुए ईरानी दूतावास ने एक पोस्ट में कहा कि दयालुता के इस कार्य को कभी नहीं भुलाया जाएगा।

ईद के जश्न के एक दिन बाद घाटी के शिया बहुल इलाकों के युवाओं ने ईरान में पश्चिम एशिया युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया। दान अभियान के दौरान रैनावारी निवासी एजाज अहमद ने कहा कि इजराइल की ज़ायोनी सरकार और उसके समर्थकों द्वारा ईरान पर थोपे गए इस अवैध युद्ध से भारी तबाही हुई है। सभ्य दुनिया कम से कम इतना तो कर ही सकती है कि ईरान के पीड़ित लोगों को सहायता भेजे।

अधिकारियों ने बताया कि इस दान अभियान में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से महिलाओं ने आगे आकर उदारतापूर्वक सोने के आभूषण, तांबे के बर्तन और अन्य मूल्यवान घरेलू सामान दान किए हैं। कुछ परिवारों ने पशुधन भी दान किया है।

अधिकारियों के अनुसार बच्चों ने भी अपनी बचत और जेब खर्च दान करके अपना योगदान दिया है। दान विशेष रूप से बडगाम और बारामूला में एकत्र किए गए हैं जहां शिया आबादी काफी अधिक है। उन्होंने आगे बताया कि एकत्रित दान को ईरानी दूतावास सहित आधिकारिक राहत संगठनों के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा।

दान की तस्वीरें साझा करते हुए ईरानी दूतावास ने एक पोस्ट में कहा कि कृतज्ञता से भरे हृदय से हम कश्मीर के दयालु लोगों का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने मानवीय सहायता और हार्दिक एकजुटता के माध्यम से ईरान के लोगों का साथ दिया; इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जा सकता। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, हम आपकी दयालुता और मानवता को कभी नहीं भूलेंगे। धन्यवाद, भारत।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह