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ईरान पर हमलों के विरोध में कश्मीर के शिया बहुल इलाकों में प्रदर्शन, कुछ हिस्सों में पाबंदियां लागू

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ईरान पर हमलों के विरोध में कश्मीर के शिया बहुल इलाकों में प्रदर्शन, कुछ हिस्सों में पाबंदियां लागू


श्रीनगर, 13 मार्च (हि.स.)। कश्मीर के कुछ शिया बहुल इलाकों में शुक्रवार को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। रमजान के आखिरी शुक्रवार को प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पहले ही आज सुबह से श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों विशेषकर शिया बहुल इलाकों में पाबंदियां लागू कर दी गईं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर सुबह लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने ईरान में अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता के खिलाफ और फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन अब तक शांतिपूर्ण रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जुमा-तुल-विदा (रमजान का आखिरी शुक्रवार) को फिलिस्तीन के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए यौम-उल-कुद्स के रूप में भी मनाया जा रहा है और सामूहिक नमाज के बाद इजरायल विरोधी प्रदर्शनों की आशंका है। अधिकारियों ने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद को भी बंद कर दिया है।

कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने एक पोस्ट में कहा कि पवित्र रमजान के आखिरी शुक्रवार को जब हजारों लोग कस्बों और गांवों से ऐतिहासिक जामा मस्जिद श्रीनगर में नमाज और दुआ के लिए इकट्ठा हुए, तो इसके द्वार एक बार फिर चारों तरफ से बंद कर दिए गए। उन्होंने कहा कि यह लगातार सातवां साल है, जब मुसलमानों को यहां नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई है।

मीरवाइज ने आगे कहा कि जिस तरह इजराइल ने रमजान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा के द्वार जबरन बंद कर दिए, वैसी ही दर्दनाक वास्तविकता यहां भी देखने को मिल रही है। हमारा दिल दुखता है। उन पर शर्म आती है, जो अल्लाह के घरों को नमाजियों के लिए बंद कर देते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह