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डेयरी अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण पर जेएमसी का जागरूकता अभियान, बायोगैस व वर्मी कम्पोस्ट अपनाने की अपील

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डेयरी अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण पर जेएमसी का जागरूकता अभियान, बायोगैस व वर्मी कम्पोस्ट अपनाने की अपील


जम्मू, 29 जुलाई (हि.स.)। जम्मू नगर निगम (जेएमसी) ने डेयरी और गौशालाओं में वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यावरण अनुकूल डेयरी प्रबंधन और गोबर के वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। पशु चिकित्सा अनुभाग द्वारा पशु चिकित्सा सहायक सर्जन डॉ. दिव्या शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत जानीपुर, पलौरा, रूप नगर, मुठी, बरनाई और पटोली क्षेत्र की डेयरी इकाइयों का दौरा कर संचालकों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता संबंधी उपायों की जानकारी दी गई।

अभियान के दौरान डेयरी संचालकों को बायोगैस संयंत्र, वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों और कम्पोस्ट गड्ढों जैसी टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन उपायों से गोबर का वैज्ञानिक निस्तारण होने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद का उत्पादन भी संभव है जिससे प्रदूषण कम होगा, स्वच्छता में सुधार आएगा और अपशिष्ट के पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. दिव्या शर्मा ने बताया कि जम्मू नगर निगम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों तथा एफएसएसएआई के निर्धारित मानकों के अनुरूप डेयरी इकाइयों और गौशालाओं के नियमन के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक गोबर निस्तारण प्रणाली स्थापित करने सहित पर्यावरणीय मानकों का पालन करने वाली 100 डेयरी इकाइयों का पंजीकरण किया जा चुका है जबकि शेष डेयरी इकाइयों और गौशालाओं का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम डेयरी संचालकों को टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन अपनाने, वैधानिक दिशा-निर्देशों का पालन करने और अपनी इकाइयों का जेएमसी के तहत पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने डेयरी मालिकों से सीपीसीबी और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए डेयरी अपशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा