जम्मू-कश्मीर में ‘नशा मुक्त अभियान’ के तहत 100 दिवसीय गहन अभियान की तैयारियों की समीक्षा
जम्मू, 09 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को आगामी ‘नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान’ के तहत 100 दिवसीय गहन अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश से मादक पदार्थों के दुरुपयोग को खत्म करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान में जागरूकता कार्यक्रमों की एक श्रृंखला शामिल होगी। उपराज्यपाल 11 अप्रैल को जम्मू के एमए स्टेडियम से एक विशाल पदयात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे, जिसके बाद मई के पहले सप्ताह में श्रीनगर में भी इसी तरह का एक बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अलावा उपराज्यपाल कठुआ और राजौरी में होने वाली पदयात्राओं में भी भाग लेंगे।
उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में मादक पदार्थों का प्रवेश जम्मू-कश्मीर के युवाओं के भविष्य को खतरे में डालने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। समाज के हर वर्ग को मादक पदार्थों के इस खतरे के खिलाफ लड़ाई में शामिल होना चाहिए। उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को नष्ट करने के लिए निरंतर और गहन अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्दोषों को न छुएं और दोषियों को न छोड़ें, यही हमारी नीति है। हमें मादक पदार्थों के दुरुपयोग के असली पीड़ितों की पहचान करनी चाहिए और उनके पुनर्वास के लिए प्रयास करने चाहिए। बैठक में नशा मुक्त अभियान के लिए नियोजित गतिविधियों की श्रृंखला और विभागवार गतिविधि कैलेंडर पर भी चर्चा हुई। सूचना, शिक्षा और संचार अभियान और कार्य योजना के कार्यान्वयन के लिए केंद्र शासित प्रदेश और संभागीय स्तर की समितियों का गठन किया गया है।
उपराज्यपाल ने अभियान को जन आंदोलन बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनता के सुझावों और प्रतिक्रियाओं को शामिल करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आम जनता को भी मादक पदार्थों के दुरुपयोग के मामलों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।” बैठक में मुख्य सचिव अटल दुल्लू, विशेष महानिदेशक (समन्वय) एस जे एम गिलानी, प्रधान सचिव (गृह) चंद्रकर भारती और उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के. भंडारी सहित अन्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

