पंचायतें इनोवेशन, डिजिटल गवर्नेंस और जनता के भरोसे का केंद्र बनें : मनोज सिन्हा
श्रीनगर, 23 जून (हि.स.)। उपराज्यपाल गवर्नर मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को सिर्फ़ प्रशासनिक इकाइयों से आगे बढ़कर इनोवेशन, समान अवसर, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और जनता के भरोसे के केंद्र के तौर पर उभरना चाहिए।
श्रीनगर में सेवा से समृद्धि: पंचायत-आधारित सर्विस डिलीवरी पर क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने देश भर से आए प्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों का स्वागत किया और जम्मू-कश्मीर में यह कार्यशाला आयोजित करने के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पंचायत-आधारित सर्विस डिलीवरी गवर्नेंस का एक अहम स्तंभ है और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को मज़बूत करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
उन्होंने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह से काम करने वाला तीन-स्तरीय पंचायती राज सिस्टम नहीं था लेकिन हाल के वर्षों में फंड, काम और कर्मचारियों के ट्रांसफर के ज़रिए स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ मिलकर ज़िला योजनाएं तैयार की गईं और ज़मीनी स्तर पर पहचानी गई विकास प्राथमिकताओं को उसी के अनुसार लागू किया गया। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय स्तर पर बनी योजनाओं की वजह से गांवों में कई असरदार प्रोजेक्ट्स को लागू करना संभव हो पाया।
अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों को याद करते हुए सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गवर्नेंस काफ़ी हद तक 'दरबार मूव' सिस्टम के तहत फाइलों की फिजिकल आवाजाही पर निर्भर थी। उन्होंने कहा कि जब मैं 2020 में जम्मू-कश्मीर आया तो मैंने देखा कि लगभग 154 ट्रक सरकारी फाइलों को श्रीनगर से जम्मू ले जा रहे थे। मुझे हैरानी हुई कि डिजिटल युग में भी प्रशासन फाइलों की फिजिकल आवाजाही पर निर्भर था।
उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रशासन ने डिजिटाइज़ेशन में तेज़ी लाई और गवर्नेंस सिस्टम को ऑनलाइन किया जिससे कार्यक्षमता और पारदर्शिता में सुधार हुआ। ई-गवर्नेंस में मिली कामयाबियों का ज़िक्र करते हुए उप-राज्यपाल ने कहा कि तीन साल के अंदर 1,100 से ज़्यादा सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं जिससे जेके डिजिटल सर्विस डिलीवरी के मामले में देश के अग्रणी क्षेत्रों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि नागरिकों तक पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से सेवाएँ पहुँचाने में टेक्नोलॉजी सबसे असरदार ज़रिया साबित हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

